एसआईटी के पुलिस महानिदेशक ने संशोधित सूची के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंक तालिकाओं व डिग्री के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की है। परिषद सचिव ने प्रकरण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि प्रकरण न्यायालय के आदेश, पुलिस विवेचना और अनियमित नियुक्ति प्रक्रिया की जांच से जुड़ा है।
‘सीडी लेने के लिए विशेष वाहक परिषद मुख्यालय भेज दिया गया है। सीडी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध कराकर फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई कराई जाएगी।’ - एके सिंह, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक)
पहली सूची के आधार पर 241 शिक्षक तलाशे गए थे
एसआईटी की ओर से अक्तूबर, 2017 में उपलब्ध कराई गई 4570 अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाणपत्रों की सूची में से जिले में तैनात 241 परिषदीय शिक्षक तलाशे गए थे। बीएसए की ओर से इनका वेतन भी रोक दिया गया था। बाद में शिक्षक कोर्ट चले गए, वेतन जारी कर दिया गया। अब दोबारा से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी ने बीएड सत्र 2004-05 में हुए फर्जीवाड़े की जांच की थी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर पता चला कि सत्र 2004-05 में डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के टेबुलेशन चार्ट में 3,517 से अधिक विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया।
इसी तरह से 1053 छात्रों को फर्जी अंकतालिका वितरित कर दी र्गइं। सत्र में कुल 4,570 छात्रों को विश्वविद्यालय की अंकतालिका वितरित की गईं। फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों ने बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति पाई।