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UP: शराब का ठेका हटवाने की जिद...17 दिन से पिता ने त्यागा अन्न, अब बेटी भी बैठ गई अनशन पर

Sat, 19 Apr 2025 09:45 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

शराब का ठेका हटवाने के लिए पिता के साथ बेटी भी अनशन पर बैठ गई है। 17 दिन से पिता ने अन्न का त्याग कर रखा है। ये देख बेटी ने भी निर्णय लिया है कि अनशन के दौरान वो भी अन्न ग्रहण नहीं करेगी। 
 
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धूप में बैठी अंशिका और ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के फतेहाबाद में पिता 17 दिन से बिना अन्न खाए धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जब पिता ही नहीं रहेंगे तो हमारा जीवन ही बेकार है। अब मैं भी पिता के साथ अनशन पर बैठ गई हूं। कुछ नहीं खाऊंगी-पीऊंगी। ये बातें 10 वर्षीय अंशिका ने कही। पिता बंटी सिकरवार 17 दिनों से शराब का ठेका हटवाने की मांग करते हुए अनशन पर हैं।
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यहां का है मामला
डौकी के गांव कौलारा कलां का यह मामला है। शराब का ठेका हटाने की मांग करते हुए जिला पंचायत सदस्य रामसखी देवी के पुत्र बंटी सिकरवार एक अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी चार सूत्री मांगें हैं। जल निगम ने 2 अप्रैल को उनकी मांग मानते हुए ट्यूबवेल की खुदाई के लिए मशीन लगवा दी थी। उसी दिन आबकारी निरीक्षक ने लोगों को आश्वस्त किया था कि शराब के ठेके के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी जाएगी। दूसरे स्थल का चयन कर रिपोर्ट देने पर ठेके को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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16 दिन में कुछ भी न हुआ
मगर, 16 दिन बाद भी कुछ नहीं हुआ। इधर, बंटी सिकरवार की बेटी पिता की आवाज न सुने जाने से इतनी आहत हुई कि उसने भी पिता के साथ अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। कक्षा 4 की छात्रा अंशिका का कहना है कि मैं कुछ और तो नहीं कर सकती लेकिन पिता का साथ तो दे ही सकती हूं। जब तक पापा खाना नहीं खाएंगे तब तक मैं भी कुछ खाऊंगी-पीऊंगी नहीं।

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सैकड़ों ग्रामीण इस मुहिम से जुड़े
बच्चे के इस फैसले के बाद से अन्य लोग भी अचंभित हैं। अंशिका के इस कदम ने ग्रामीणों को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया है। शुक्रवार को गांव के सैकड़ों लोग धरनास्थल पर पहुंचकर इस मुहिम से जुड़ गए हैं।
 
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