आगरा के फतेहाबाद में पिता 17 दिन से बिना अन्न खाए धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जब पिता ही नहीं रहेंगे तो हमारा जीवन ही बेकार है। अब मैं भी पिता के साथ अनशन पर बैठ गई हूं। कुछ नहीं खाऊंगी-पीऊंगी। ये बातें 10 वर्षीय अंशिका ने कही। पिता बंटी सिकरवार 17 दिनों से शराब का ठेका हटवाने की मांग करते हुए अनशन पर हैं।