आगरा। वृक्षारोपण के अभियान में रेलवे ट्रैक के दोनों ओर जल्द ही हरियाली की ऐसी दीवारें नजर आएंगी, जो सिर्फ ट्रैक की सुंदरता ही नहीं बढ़ाएंगी बल्कि यात्रियों के सफर को भी अधिक सुखद बनाएंगी। ट्रेन की खिड़की से दूर तक फैली हरियाली का नजारा यात्रियों को सुकून देगा। वहीं ट्रैक के किनारे पौधों की कतारें बड़े होने के बाद प्राकृतिक सुरक्षा दीवार का काम करेंगी। इससे मवेशियों के ट्रैक पर आने की घटनाएं कम होंगी। कैटल रन ओवर के हादसों पर रोक लगेगी। इसी उद्देश्य से जिले में 1 से 7 जुलाई तक मनाए जा रहे वन महोत्सव के तहत रेलवे ट्रैक किनारे बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि इस वर्ष रेलवे को 16 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। ये पौधे आगरा-धौलपुर, आगरा-दिल्ली-मथुरा तथा आगरा-पलवल-भरतपुर सेक्शन के रेलवे ट्रैक के किनारे लगाए जाएंगे। रेलवे का उद्देश्य ट्रैक किनारे हरियाली बढ़ाना है, जिससे आसपास का वातावरण स्वच्छ और सुंदर बने तथा ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को पूरे रास्ते हरियाली का मनमोहक दृश्य देखने को मिले। उन्होंने बताया कि सभी पौधों की जीओ टैगिंग की जाएगी, ताकि उनकी नियमित निगरानी हो सके। इसके अलावा संबंधित स्टेशन और ट्रैक की निगरानी करने वाले कर्मचारियों को पौधों की देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर रेलवे की बाउंड्रीवॉल बनी हुई है, लेकिन कई हिस्से अभी भी खुले हैं। ऐसे स्थानों से अक्सर मवेशी ट्रैक पर पहुंच जाते हैं, जिससे कैटल रन ओवर ( पशु कटान) की घटनाएं होती हैं। इन खुले हिस्सों में पौधों को क्रमबद्ध तरीके से लगाया जाएगा। समय के साथ जब ये पौधे बड़े होंगे तो प्राकृतिक हरी दीवार का रूप ले लेंगे और मवेशियों को ट्रैक तक पहुंचने में रोकने का काम करेंगे।
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रेलवे के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच आगरा-मथुरा रेलखंड पर 49, आगरा-मथुरा-पलवल रूट पर 53 और आगरा-धौलपुर सेक्शन में 114 मवेशियों की ट्रेन से टकराने के कारण मौत हुई। इन घटनाओं के चलते कई बार ट्रेनों को बीच रास्ते रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई और रेलवे संचालन भी प्रभावित हुआ। रेलवे बोर्ड के अनुसार किसी भी ट्रेन रुकने पर 12 हजार से 24 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आता है।
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जिले में 27 विभाग मिलकर 53 लाख 94 हजार पाैधे रोपेंगे। इस बारे में वन संरक्षक डाॅ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि 1 से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जा रहा है। इस बार की थीम वृक्षारोपण का महायज्ञ तय की गई है। उन्होंने वन महोत्सव के पहले दिन नगर वन में पाैधरोपण कर इसकी शुरुआत की।
ये है विभागों के पाैधरोपण का लक्ष्य
विभाग पाैधरोपण का लक्ष्य
वन विभाग 1900000
पर्यावरण विभाग 198000
ग्राम विकास विभाग 1551000
राजस्व विभाग 154000
पंचायतीराज विभाग 187000
आवास विकास विभाग 12100
औद्योगिक विकास विभाग 14200
नगर विकास विभाग 334600
लोक निर्माण विभाग 23800
जल शक्ति विभाग 26000
नमामि गंगे विभाग 12900
रेशम विभाग 23000
कृषि विभाग 506000
पशु पालन विभाग 19000
सहकारिता विभाग 8900
उद्योग विभाग 21400
ऊर्जा विभाग 8900
माध्यमिक शिक्षा विभाग 17300
बेसिक शिक्षा विभाग 19000
प्रावधिक शिक्षा विभाग 8000
उच्च शिक्षा विभाग 34500
श्रम विभाग 8300
स्वास्थ्य विभाग 22000
रेलवे विभाग 16000
परिवहन विभाग 6300
रक्षा विभाग 13000
उद्यान विभाग 231000
गृह विभाग 17800
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