पटियाली। डीएपी के लिए किसानों को सुबह से ही सहकारी समितियों पर लगना पड़ रहा है। गांव बस्तोली ब्रह्मपुर स्थित सहकारी समिति सुनगढ़ी पर लाइन में लगे दो वृद्ध किसान बेहोश होकर गिर गए। परिजनों ने उनका निजी चिकित्सकों से उपचार कराया गया। डीएपी का संकट जिले में गहरा गया है। सहकारी समितियों में कतारों में लगे किसानों को देर शाम तक डीएपी मिल पा रही है। डीएपी के लिए किसान परेशान हैं। पटियाली विकास खंड गंजडुंडवारा क्षेत्र के ग्राम बस्तोली ब्रह्मपुर स्थित सहकारी समिति सुनगढ़ी पर बृहस्पतिवार सुबह से ही किसान सहकारी समिति पर पहुंच गए। जैसे ही खिड़की खुली तो किसानों में पहले डीएपी लेने के लिए धक्का मुक्की होने लगी।
किसान आधार कार्ड जमा कर अपनी बारी के इंतजार के लिए लाइनों में खड़े हो गए। दोपहर एक बजे लगभग ग्राम बस्तोली ब्रह्मपुर निवासी 60 वर्षीय किसान विजयी अचानक गिर गए और बेहोश हो गए। उन्हें लाइन से अलग किया। तभी कुछ देर बाद लाइन में लगी महिला किसान ग्राम धर्मपुर निवासी 65 वर्षीय लोंगश्री भी बेहोश होकर गिर कईं। बताया गया कि किसान सुबह सात बजे से लाइन में लगे हुए थे। किसानों के बेहोश होते ही खलबली मच गई। उनके परिजनों काे सूचना दी गई। परिजनों ने उन्हें निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां उपचार के बाद दोनों ठीक हो गए।
अपने नजदीकियों को दे रहे पर्ची
समिति पर मौजूद किसानों का आरोप है कि सचिव के द्वारा अपने लोगों को पर्ची दे दी जाती है। उसके बाद ही अन्य किसानों को पर्ची मिलती है, जिससे किसानों का देर शाम तक ही नंबर आ पाता है। कई बार तो किसान बिना डीएपी के ही वापस हो जाते हैं। किसान संजीव, धर्मेंद्र कुमार, पुनीत कुमार, उवेंद्र, उमेश पाल एवं ओमपाल, पप्पू, राम लखन, विनोद, जवर सिंह, अनोखे, श्याम सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि ने जिलाधिकारी से किसी सक्षम अधिकारी की निगरानी डीएपी वितरण कराने की मांग की है।
वर्जन: जिले में डीएपी की कमी नहीं है। सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं पर उर्वरक की पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। जिसका लगातार वितरण कराया जा रहा है। किसान जरूरत के अनुसार ही डीएपी लें, स्टॉक न करें। - डाॅ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।