परिजनों ने विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने मुआवजे की मांग की और निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस को शव भी नहीं उठाने दिए। इस बीच मौके पर पहुंचे एसडीएम से वार्ता के बाद आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर मामला शांत हो गया।
अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र रावत ने बताया कि संविदा कर्मी लाइनमैन की विद्युत करंट की चपेट में आकर मौत हुई है। इस मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि कैसे दुर्घटना हुई है।