आगरा में चार साल के इंतजार के बाद संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर एक अप्रैल से म्यूजिकल फाउंटेन और लाइट एंड साउंड शो देख सकेंगे। इसके लिए 100 रुपये का शुल्क आगरा विकास प्राधिकरण ने तय किया है। विदेशी पर्यटकों के लिए 300 रुपये शुल्क रहेगा। 20 मिनट के इस शो को एक बार में 100 दर्शक देख सकेंगे।
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8.14 करोड़ रुपये की लागत से शहीद स्मारक पर लाइट एंड साउंड शो और म्यूजिकल फाउंटेन कार्यों का लोकार्पण किया था। इनमें 4.58 करोड़ से लाइट एंड साउंड शो और म्यूजिकल फाउंटेन 3.56 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि एक अप्रैल से शो चालू हो जाएंगे।
जानेंगे अमर शहीदों की गाथा
अमर शहीदों की गाथा को लोगों तक इस शो के जरिए पहुंचाया जाएगा। हर दिन यहां 5 शो होंगे। म्यूजिकल फाउंटेन शो में देशभक्ति गीतों पर रंगे बिरेंगे फव्वारे आकर्षक छटा बिखेरेंगे। लाइट एंड साउंड शो की सि्क्रप्ट वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्त ने लिखी है। नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने यहां लाइट एंड साउंड शो की मांग की थी।
ठा. राम सिंह के संकल्प को दी गई जगह
शहीद स्मारक बनने से पहले सेंट्रल जेल थी, जहां देश भर के स्वाधीनता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने अमानुषिक यातनाएं सहन की। क्रांतिकारी योगेश चटर्जी ने यहां एक बार 141 दिन व दूसरी बार 111 दिन का अनशन किया था। अन्य क्रांतिकारियों ने भी कई बार भूख हड़ताल की थी। इसी जेल में क्रांतिकारी भूपेंद्र सान्याल, काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारी श्री मन्मथनाथ गुप्त, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव और राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त में बंदी रहे थे। शो में इन्हें जगह दी गई है, वहीं काला पानी के सेनानी ठाकुर राम सिंह ने शहीद स्मारक बनवाने के लिए जो संकल्प लिया, उसे भी लेजर के जरिए उकेरा गया है।