मैनपुरी। किशनी थाना क्षेत्र के गांव नगला गबे में नौ साल पहले जमीन के विवाद में किसान की हत्या करने के मामले में आरोपी बने व्यक्ति को सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने दोषी पाया। एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 75000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
नगला गबे गांव निवासी नरेंद्र सिंह किसान थे। वह 26 अगस्त 2015 को घर के पास मौजूद खाली पड़ी जमीन को जेसीबी से समतल करा रहे थे। तभी उनके पड़ोस में रहने वाले गजराज सिंह वहां आ गए। गजराज जमीन को अपना बताते हुए काम बंद करने को कहे। इसको लेकर उनके बीच विवाद हो गया। इस पर गजराज ने गोली मारकर नरेंद्र सिंह की हत्या कर दी। बचाने आई नरेंद्र की पत्नी पुष्पा को भी आरोपियों ने गोली मारकर घायल कर दिया था। नरेंद्र के पुत्र विकास ने 27 अगस्त को थाना किशनी में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करने के बाद गजराज को दोषी पाकर उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल सहित नौ गवाहों ने गजराज केे खिलाफ गवाही दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने गजराज को नरेंद्र सिंह की हत्या और पुष्पादेवी को घायल करने का दोषी पाया। इस पर जज भूलेराम ने गजराज सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 75000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घायल को मिलेगी आधी धनराशि
गजराज सिंह पर 75000 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एफटीसी द्वितीय के जज भूलेराम ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की आधी धनराशि घायल पुष्पा देवी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।