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UP: मम्मी और अंकल ने पापा को मार डाला, बोले-तुझे भी मार देंगे; जज को आंखों देखी बताते हुए फफक पड़ा मासूम बेटा

Sun, 17 Sep 2023 11:16 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की। ये पूरी घटना आठ साल का मासूम बेटा देख रहा था। उसने बताया कि अंकल ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
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woman crime - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र में 8 साल पहले पति की हत्या करने वाली पत्नी को प्रेमी सहित दोषी पाकर एफटीसी जज चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। रात में सोते समय गला घोंटकर हत्या करने की गवाही में पुष्टि हुई है।
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थाना कोतवाली के नगला कीरत निवासी गवेंद्र उर्फ नीलू की पांच दिसंबर 2015 की रात सोते समय गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट नीलू के पिता रामसेवक ने नीलू की पत्नी प्रेमलता उर्फ पिंकी, पिंकी के प्रेमी बबलू निवासी करीमगंज थाना बिछवां, बबलू के दोस्त सर्वेंद्र निवासीर महाराजपुर थाना जसरथपुर जिला एटा के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पिंकी सहित बबलू को जेल भेज दिया। जांच में पिंकी, बबलू तथा सर्वेंद्र को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।

मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज चेतना चौहान की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, मृतक के पुत्र सहित गवाहों ने गवाही दी। गवाही के आधार पर नीलू की हत्या करने का पिंकी और बबलू को दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज चेतना चौहान ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सर्वेंद्र को दोषी नहीं पाकर बरी कर दिया गया है।

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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
पिंकी और बबलू को घटना के बाद पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उनकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उनको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उनको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।

नाबालिग बेटे की गवाही पर हुई सजा
नीलू के 11 साल के पुत्र शिवांग प्रताप उर्फ उमंग ने अदालत में गवाही दी। उसने अदालत में बताया कि रात को सोते समय उसकी मां और बबलू अंकल ने पापा को दबोच लिया था। उसकी मां और बबलू अंकल ने पापा को गला घोंटकर मार दिया था। पापा के चीखने पर जब वह कमरे में गया तो बबलू अंकल ने कहा कि अगर किसी को कुछ बताया तो उसको भी मार देंगे। पुत्र की गवाही पर मां और उसके प्रेमी को सजा सुनाई गई है।

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आगरा में बने थे दोनों के संबंध
पिंकी वर्ष 2015 में आगरा में जीएनएम का कोर्स कर रही थी। उसी कॉलेज में बबलू भी जीएनएम का कोर्स कर रहा था। उमंग ने गवाही में बताया कि बबलू अंकल मम्मी के पास रोजाना आते थे। मम्मी उसको आराधना के साथ दूसरे कमरे में सुला देती थीं। बबलू अंकल रात को भी मम्मी के कमरे में ही रुकते थे। बबलू अंकल के कमरे पर आने के लिए पापा और मम्मी में अक्सर झगड़ा होता था। बबलू अंकल गांव में भी मम्मी के पास आते रहते थे।
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सरकार से दिलाया जाए प्रतिकर
एफटीसी जज चेतना चौहान ने आदेश में लिखा है कि नीलू पर अपने नाबालिग पुत्र उमंग तथा पुत्री आराधना की परवरिश का जिम्मा था। नीलू की मौत के बाद दोनों बेसहारा हो गए हैं। उनको शासन से प्रतिकर दिलाया जाए। इस संबंध में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है।

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जेल पीएलवी है पिंकी
पति की हत्या करने वाली पिंकी जेल में पीएलवी है। शिक्षित होने के कारण उसको जेल प्रशासन की संस्तुति पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में पीएलवी बनाया गया है। पिंकी जेल में अन्य बंदियों को विधिक सहायता और जानकारी देती है। सजा सुनाए जाने के बाद पिंकी पीएलवी बनी रहेगी या नहीं, इसका निर्णय जिला जज करेंगे।
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