पुत्रवधु को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की सुनवाई के दौरान सास-ससुर को दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
आगरा में अपर जिला जज परवेज अख्तर ने सिकंदरा के दहेज हत्या के मामले में मृतका संगीता के ससुर वीरेंद्र गौतम और सास हेमलता उर्फ ओमलता गौतम को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 42 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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मामले में 1 नवंबर 2017 को थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया था। वादी अरुण गौतम ने तहरीर में लिखा कि दो बहनों संगीता और यति गौतम की शादी शिवपुरी कालोनी निवासी प्रदीप उर्फ नीरज एवं हृदेश गौतम से की थी। उसे दहेज के लिए उत्पीड़न करते थे। मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। मुकदमे को वापस लेने के लिए ससुरालीजन दबाव डाल रहे थे। संगीता और यति शिवपुरी में अकेले रह रही थीं।
1 नवंबर 2017 को बहन यति ने फोन किया। बताया कि ससुराली घर में घुस आए हैं। पिटाई कर रहे हैं। संगीता को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतका संगीता के पति-देवर और देवरानी के नाम विवेचना में निकाल दिए। सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या में आरोपपत्र दाखिल किया। एडीजीसी मधु शर्मा ने वादी, मृतका की छोटी बहन यति गौतम सहित 10 गवाह पेश किए।