आगरा में ऑटोमोबाइल कंपनी के सेल्स ऑफिसर सुनील कुमार की हत्या के मामले में अपर जिला न्यायाधीश-17 नितिन कुमार ठाकुर ने अजय डकैत और उसकी पत्नी मोना को आजीवन कारावास और 1.30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में लाखन प्रजापति उर्फ मनीष को बरी कर दिया।
यह घटना 2021 में हरीपर्वत थाना क्षेत्र के गांधीनगर में हुई थी। सुनील कुमार 2 अगस्त, 2021 को कंपनी के काम से घर से निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। उनकी मोबाइल की लोकेशन गांधीनगर में मिली, जहां अजय अपनी पत्नी के साथ किराए पर रहता था। अजय डकैत थाना फतेहाबाद क्षेत्र के ग्वाला टीला फूस बंगला निवासी था।
मोना ने 5 अगस्त को ट्रांसपोर्ट नगर के पास झाड़ियों से सुनील का शव बरामद कराया था। जांच में सामने आया कि अजय को सुनील के खाते में 7 से 8 लाख रुपये होने का शक था। उसने चालाकी से सुनील का डेबिट कार्ड और पेटीएम पासवर्ड देख लिया था। 2 अगस्त, 2021 को अजय ने सुनील को अपने घर बुलाया और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। कोमा में उनकी मौत हो गई। आरोपियों ने सुनील का मोबाइल, डेबिट कार्ड, घड़ी और 5000 रुपये निकाल लिए थे। शव को चादर में लपेटकर फ्रिज के साथ लोडिंग टेंपो में ले जाया गया ताकि पड़ोसियों को शक न हो।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
घर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में अजय पहले सुनील की बाइक ले जाते हुए दिखा था। बाद में वह अपनी पत्नी के साथ लोडिंग टेंपो में फ्रिज और एक पोटली ले जाते हुए भी नजर आया। अजय के घर की तलाशी में सुनील का हेलमेट और बैग मिला था। इसके बाद मोना ने राज खोल दिया।
रुपयों के लिए रची थी साजिश
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाह पेश किए। गवाहों ने बताया कि अजय ने सुनील को घर खरीदने की बात कहकर बुलाया था। सुनील के पास रुपयों की जानकारी होने के बाद अजय ने हत्या की साजिश रची।