आठ साल पहले युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दो भाइयों सहित तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जुर्माना के तौर पर 23-23 हजार रुपये भी अदा करने होंगे। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों को जेल भेजा गया है।
मामले की सुनवाई एफटीसी जज द्वितीय अखिलेश कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने हत्या के समर्थन में गवाही दी। इस आधार पर संजय मोहन, भीम, गौरव को हत्या करने का दोषी पाया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने तीनों को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 23-23 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के पंजाबी कॉलोनी निवासी जितेंद्र सिंह चौहान 30 मई 2011 को सुबह पांच बजे घर से दूध लेने दूध डेरी जा रहे थे। मोहल्ला वंशीगौहरा में दूध डेरी के पास उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तेंद्र के भाई सुशील ने थाना एलाऊ के पर्वतपुर निवासी संजय मोहन, उसके भाई भीम और टिल्लू सहित एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान अज्ञात के रूप में घटना में शामिल गौरव चौहान निवासी हरंचदपुर थाना कोतवाली सहित तीनों भाइयों को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
हत्यारोपी टिल्लू की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। घटना वाले दिन मृतक जितेंद्र ने विरोध करते हुए उसके सिर पर दूध की खाली बाल्टी से हमला कर दिया था। हत्यारोपी टिल्लू की मौत के बाद अदालत में उसकी फाइल बंद कर दी गई।
हत्यारोपी संजय मोहन, भीम, गौरव को पुलिस ने जेल भेजा। मुकदमे के दौरान उनकी किसी अदालत से जमानत नहीं हो सकी। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। जेल प्रशासन के अनुरोध पर शासन ने संजय मोहन को फतेहगढ़, भीम को हमीरपुर, गौरव को कन्नौज जेल भेजा था। सजा सुनने के लिए तीनों को वहीं से लाया गया।
थाना एलाऊ के पर्वतपुर निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान और जगमोहन के परिवार के बीच रंजिश चली आ रही है। साल 2002 में टिल्लू, संजय मोहन, भीम ने सुशील, जितेंद्र, सुरेंद्र सिंह पर जानलेवा हमला किया था। इसमें सुरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में सुरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पंजाबी कॉलोनी में रहने लगे।