आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक स्तर पर बीए में पुस्तकालय और सूचना विज्ञान विषय को वैकल्पिक रूप से पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। सत्र 2022-23 से ही विषयों का संचालन कॉलेज कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विषयों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध ऐसे कॉलेज जिनमें शासन की ओर से सृजित पदों पर प्रवक्ता, पुस्तकालय (पूर्व पदनाम पुस्तकालयाध्यक्ष) कार्यरत हैं, उनमें पुस्तकालय और सूचना विज्ञान विषय पढ़ाए जा सकते हैं। ऐसे कॉलेज जिनमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) कर ओर से निर्धारित योग्यता के अनुरूप प्रवक्ता (पुस्तकालय विज्ञान) पदनाम सृजित नहीं हैं या फिर पद खाली है, उन कॉलेजों में अन्य विषयों की तरह निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराने के बाद ही विषयों को पढ़ाया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजीव कुमार सिंह की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक प्रायोगिक और प्रोजेक्ट परीक्षाएं आंतरिक व बाह्य परीक्षकों की ओर से संपन्न कराई जाएंगी। विषयों को पढ़ाए जाने के लिए कंप्यूटर लैब होना जरूरी है। यूजीसी का सोल और कोहा सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में अपलोड होना जरूरी है। पाठ्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए बाह्य विशेषज्ञों को भी बुलाया जा सकता है। कॉलेजों में पहले से पुस्तकालय स्थापित होने की वजह से पठन-पाठन की सभी सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद ही संबद्धता विश्वविद्यालय देगा, इसके बाद ही पाठ्यक्रम शुरू किया सकता है।