देश के 15 राज्यों में कुष्ठ रोग चुनौती बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में प्रति 10 हजार 2.3 फीसदी, ओडिसा में 2.31, महाराष्ट्र में 1.12 फीसदी मरीज मिल रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में यह संख्या 0.37 फीसदी है।
राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल संस्थान में 2027 तक टीबी के खात्मे और ड्रग रजिस्टेंस पर 15 राज्यों में कुष्ठ रोग की चुनौतियों पर मंथन किया। तीन दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम में कुष्ठ रोग की वैक्सीन, इलाज, जांच और मरीजों को चिह्नित करने समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।
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जालमा संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीएस चौहान और डॉ. विवेक गुप्ता ने कहा कि जालमा संस्थान समेत कई केंद्रों पर कुष्ठ रोग की वैक्सीन बनाने पर शोध चल रहा है। भविष्य में वैक्सीन से इस बीमारी से बचाव होगा। सेंट्रल लेप्रोसी डिवीजन के डॉ. सुनील गिट्टे ने कहा कि 15 राज्यों में कुष्ठ रोग चुनौती बना हुआ है। इसमें छत्तीसगढ़ में प्रति 10 हजार 2.3 फीसदी, ओडिसा में 2.31, महाराष्ट्र में 1.12 फीसदी मरीज मिल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में यह संख्या 0.37 फीसदी है। बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली भी प्राथमिकता पर है। जालमा संस्थान के प्रभारी निदेशक डॉ. अनूप अनवीकर ने कहा कि यहां जीनोम सीक्वेंसिंग से कुष्ठ रोगियों में ड्रग रजिस्टेंस की जांच की भी सुविधा है। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जया, डॉ. डीएस चौहान, डॉ. अवि बंसल आदि मौजूद रहे।