बर्ड फेस्टिवल में आए मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने वन विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। दोनों ने ही पर्यावरण संरक्षण को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता बताया।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि प्रदेश में हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए पौधरोपण में जनसहभागिता बढ़ाने और वनों-वृक्षों के प्रति जागरूकता के कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
हरित पट्टी के विकास के लिए एक हजार एकड़ या बड़े क्षेत्रों में पौधरोपण एवं प्रदेश के एतिहासिक, सांस्कृतिक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर सुंदरीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने वन विभाग व अन्य राजकीय विभागों द्वारा पांच करोड़ पौधे रोपित करने के लक्ष्य के सापेक्ष 5.68 करोड़ पौधे रोपित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक दिन में दस लाख पौधे रोपित कर प्रदेश ने गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान बनाया है।
प्रमुख सचिव वन ने एक दिन पहले ही केद्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के हवाले से बताया कि प्रदेश के कुल भूभाग का 6.88 प्रतिशत क्षेत्र वन क्षेत्र में आच्छादित है। इसमें पिछले दो सालों में 179 वर्ग किमी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईको टूरिज्म बढ़ने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
पक्षियों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश की जलवायु विविधता के कारण पक्षियों के अनुकूल है। दुनिया की लगभग 10 हजार पक्षी प्रजातियों में से 1200 से अधिक हमारे देश में तथा लगभग 500 उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं। इसमें अकेले 300 से अधिक प्रजातियों के पक्षी चंबल सेंक्च्युरी में पाए जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, जंतु उद्यान मंत्री शिव प्रसाद यादव व राज्यमंत्री पवन पांडे, सांसद तेज प्रताप सिंह, विधायक महेंद्र अरिदमन सिंह, पर्यटन सचिव अमृत अभिजात, आरपी सिंह, पक्षी विज्ञानी टिम अपलटन व जिम लारेंस आदि मौजूद थे।