डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सेठ पदम चंद जैन प्रबंध संस्थान में विश्व हृदय दिवस पर ‘तनाव प्रबंधन: कारण व उपचार’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता मानसिक स्वास्थ्य संस्थान व चिकित्सा के अधीक्षक प्रो. दिनेश राठौर ने कहा कि हर 5 में से एक पुरुष और हर 10 में से एक महिला मानसिक अवसाद से ग्रसित होती हैं। आज की इस भागदौड़ वाली जीवन शैली में हर व्यक्ति तनाव से पीड़ित है। यह मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
प्रो. राठौर ने कहा कि तनाव का सकारात्मक स्तर छात्र जीवन के लिए लाभकारी है, यह उनमें प्रतियोगिता की भावना लाता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। नकारात्मक तनाव व्यक्ति के जीवन में कई बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। किसी भी काम को करने में असमर्थता जताना, उत्पादकता कम होना, निरंतर उदास और दुखी रहना और कई बार व्यक्ति आत्महत्या जैसे घातक कदम भी उठा लेता है।
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अत्यधिक तनाव कम कर सकता है आपकी प्रदर्शन क्षमता
देश में होने वाली कुल आत्महत्याओं में 8.6 फीसदी विद्यार्थी होते हैं, जिसका मुख्य कारण तनाव है। संस्थान के निदेशक, डॉ. अतुल माथुर ने कहा कि तनाव की कम मात्रा से प्रेरित होकर आप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अत्यधिक तनाव आपकी प्रदर्शन क्षमता को कम कर सकता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता चौधरी ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सीमा सिंह ने किया। डॉ. स्वाती माथुर, डॉ. योगेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. रुचिरा प्रसाद, डॉ. वर्षा गोयल, जागृति असीजा, डॉ. श्वेता गुप्ता, अरविंद चौहान की उपस्थिति रही।