पांच जुलाई को आगरा आ रहे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को विरोध का सामना करना पड़ सकता है। यूपी उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना जनमंच ने भाजपा अध्यक्ष का विरोध करने का एलान किया है।
जनमंच का कहना है कि भाजपा के मंत्री और नेता खंडपीठ पर सिर्फ आश्वासन देते आए हैं, कोई निर्णय नहीं लिया है। इस कारण विरोध किया जाएगा, अमित शाह को आगरा की सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा।
जनमंच चाहता है कि खंडपीठ की स्थापना आगरा में की जाएगी। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। विरोध का निर्णय मीटिंग में लिया गया। इसमें ओपी सिंह, नरेंद्र शर्मा, कृष्ण मुरारी माहेश्वरी समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
उधर, भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति ने अमित शाह से मिलने की बात कही है। समिति का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे में दी गई जमीन का पूरा मुआवजा नहीं मिला है। कई किसानों पर केस दर्ज हैं, इन्हें वापस नहीं लिया गया है।