संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में ई-रजिस्ट्री और फ्रंट ऑफिस व्यवस्था के विरोध में सदर तहसील के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडर्स और टाइपिस्ट ने सोमवार को तहसील चौराहे पर जाम लगाया। प्रदर्शनकारियों ने थाली और चम्मच बजाते हुए सरकार पर उनके हितों की अनदेखी और मनमानी के आरोप लगाए।
प्रदर्शन करने वालों ने दोपहर 12 बजे सदर तहसील निबंधन भवन से एमजी रोड-2 स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन चौराहे तक थाली और ताली बजाकर रैली निकाली। चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान एक भाजपा नेता के वाहन के सामने भी प्रदर्शन किया गया। उधर, सातवें दिन भी तहसील और उप निबंधक कार्यालय में न्यायिक व निबंधन कार्य पूरी तरह ठप रहा। आंदोलन करने वालों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आरोप लगाया कि सरकार निजीकरण लागू कर उनकी आजीविका खत्म करना चाहती है।
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मुख्यमंत्री के आने पर करेंगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन
तहसील बार एसोसिएशन और दस्तावेज लेखक संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा आगमन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। उन्हें लंबित समस्याओं से भी अवगत कराया जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभूनाथ वर्मा और महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि शासन ने 4 जून, 2026 को जो ई-रजिस्ट्री व्यवस्था प्रस्तावित की है, वह अव्यावहारिक है और इससे जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ है। इसी वजह से विरोध किया जा रहा है। इस दौरान दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राम उपाध्याय, लाल बहादुर राजपूत, दिव्यांश पांडेय, महेश सारस्वत, मुकेश गुप्ता, विमल तिवारी, विजय शर्मा, वैभव शर्मा, नीता रानी, विष्णु गौड़, जगन प्रसाद तेहरिया आदि भी मौजूद रहे।
2500 से अधिक दस्तावेज लंबित
सहायक महानिरीक्षक स्टाम्प योगेश कुमार ने बताया कि हड़ताल के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। सात दिन में करीब 2500 दस्तावेज लंबित हैं। 50 करोड़ रुपये के राजस्व में विलंब हो रहा है।