आगरा में दीवानी स्थित परिवार न्यायालय में सोमवार को बेटी के मुकदमे में पैरवी करने आए अधिवक्ता सुरेश बाबू बघेल (65) की माैत हो गई। वह न्यायालय कक्ष के बाहर बैठे हुए थे और अचानक उनके सीने में दर्द शुरू हो गया। इसकी जानकारी पर एसएसएफ के जवान उन्हें दीवानी स्थित डिस्पेंसरी ले गए। तबीयत में सुधार न होने पर एसएन मेडिकल कालेज ले गए। यहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे अधिवक्ताओं में शोक है।
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खतैना, जगदीशपुरा निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश बाबू बघेल पुत्री के मुकदमे की पैरवी के लिए परिवार न्यायालय आए थे। वह मुकदमे की सुनवाई के लिए आवाज लगाए जाने का अदालत के बाहर कुर्सी पर बैठकर इंतजार कर रहे थे। दोपहर करीब 12:40 बजे उन्हें सीने में दर्द होने लगा। वह कुर्सी से गिर पड़े।
यह देखकर न्यायालय परिसर में माैजूद एसएसएफ जवान उन्हें स्ट्रैचर से प्राथमिक उपचार के लिए दीवानी परिसर स्थित डिस्पेंसरी पर ले गए। उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इसके बाद बेटी के साथ उन्हें एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी भेजा गया। उनकी जान नहीं बच सकी। आशंका है कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई।