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UP: लॉरेंस बिश्नोई का आगरा कनेक्शन, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में बड़ा अपडेट; पुलिस की बढ़ी टेंशन

Tue, 17 Feb 2026 08:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी  के घर पर हुई फायरिंग केस में एसटीएफ ने जिन सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है, उनमें से पांच आगरा के बाह के रहने वाले हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन सामने आने के बाद अब पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। 
 
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विष्णु के पकड़े जाने पर रोते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में चंबल का बीहड़ कभी डाकुओं की चहलकदमी का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। डाकू तो बचे नहीं, लेकिन 5 साल पहले यहां पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए। बीहड़ में हैलो गैंग सक्रिय हो गया। इस इलाके को मिनी जामताड़ा के रूप में जाना जाने लगा। इन गिरोह पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया। ठगी करने वालों पर सख्ती की। युवाओं को जागरुक किया। मगर एक बार फिर पुलिस की टेंशन बढ़ गई है। लॉरेंस बिश्नोई  से पांच आरोपियों के तार जुड़ने के बाद पुलिस बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। अपराधियों को चिह्नित किया जाएगा।
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आगरा एसटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई में मुख्य शूटर दीपक सहित सात बदमाशों को पकड़ा गया। इनमें पांच बदमाश बाह के गांव बिजौली के हैं। इनमें दीपक, सनी, सोनू, रितिक और विष्णु हैं। एसटीएफ के मुताबिक, विष्णु कोई काम धंधा नहीं करता है। बाह के जिम में कभी नाैकरी करता था मगर कुछ दिन बाद नाैकरी छोड़ दी। भाई गुजरात में मजदूरी करता है। वहां पर ही उसके दादा की हत्या भी हो गई थी। रिश्तेदारों ने ही हत्याकांड को ही अंजाम दिया था। इससे ही वो अपराधी बन गया है। वह अपराधी प्रवृत्ति के युवकों के साथ रहने लगा। विष्णु क्षेत्र में तमंचा लगाकर रखता है। पिता किसान हैं। एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार करने के बाद उसके सभी ठिकानों के बारे में भी पड़ताल की।

 

इन आरोपियों के पकड़े जाने के बाद आगरा पुलिस की भी टेंशन बढ़ गई है। पूर्व में भी इलाके से लॉरेंस विश्नोई गैंग के शूटर पकड़े जा चुके हैं। पूर्व में जयपुर के कारोबारी के होटल पर फायरिंग की गई थी। इसकी जिम्मेदारी भी लारेंस बिश्नोई गिरोह ने ली थी। घटना जनवरी 2023 को हुई थी। जयपुर के जी क्लब में अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं। गैंग के तीन शूटर को बाह से पकड़ा गया था। इसमें बीकानेर निवासी जयप्रकाश उर्फ जेपी, ऋषभ उर्फ यशचंद्र रजवार और आगरा निवासी प्रदीप शुक्ला उर्फ बाबा शुक्ला को गिरफ्तार किया था। ये तीनों लारेंस के शूटर थे। उन्होंने फायरिंग से पहले क्लब के मालिक से 1 करोड़ की रंगदारी मांगी थी।

 

इससे लग रहा है कि लॉरेंस विश्नोई गिरोह आगरा में भी अपना नेटवर्क खड़ा करता जा रहा है। इससे आगरा सहित मथुरा, फिरोजाबाद, सहित आसपास के जिलों के उद्योगपतियों और कारोबारियों की मुश्किल बढ़ेगी। पूर्व में भी आगरा में बड़े गिरोह सक्रिय रहे हैं। जोकि रंगदारी और अपहरण की वारदात को अंजाम देते थे। अब पुलिस ने इन सभी को मार गिराया है।
 

मगर लारेंस के गिरोह में युवा ज्यादा शामिल हो रहे हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि बाह और पिनाहट के इलाके में पुलिस सत्यापन अभियान चलाएगी। ऐसे युवाओं को चिह्नित किया जाएगा, जो हाल ही में अपराध की दुनिया में आए हैं। रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहे हों। पहले इस इलाके में साइबर अपराधी सक्रिय हो गए थे। बीहड़ में बैठकर लोगों से ठगी करते थे। काल करके झांसे में लेते थे। तब जागरुकता अभियान चलाकर इस तरह के गिरोह पर लगाम लगाई गई थी।

 
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बेरोजगारों को गिरोह से जोड़ रहा था विष्णु
पूछताछ में पता चला है कि शुभम सोनकर का बिजौली के विष्णु कुशवाह से सीधा संपर्क था। शुभम सोनकर का खास गोलू पंडित विष्णु से बातचीत करता था। कब और कहां घटना करनी है, इस सब की जानकारी गोलू पंडित ही देता था। विष्णु कुशवाह बेरोजगार युवकों को गिरोह से जोड़ने में लगा हुआ था।
 
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