फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित शेट्टी टॉवर पर अंधाधुंध गोलीबारी करने के मामले में एक शूटर समेत सात और आरोपियों को रविवार रात गिरफ्तार किया गया। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा, यूपी और हरियाणा एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में आगरा और झज्जर में आरोपियों की धरपकड़ की गई।
इनमें 5 आरोपी आगरा के बाह स्थित गांव बिजाैली के रहने वाले हैं। यह सभी लाॅरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े हैं। ये बदमाश शुभम लोनकर से टारगेट लेकर वारदात को अंजाम देते थे। इसके बाद आरोपियों को दिल्ली लाकर विमान से मुंबई लाया गया और अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
31 जनवरी की रात रोहित शेट्टी के नौ मंजिला आवासीय टावर पर पांच गोलियां चलाई गई थीं। इनमें से एक गोली इमारत में स्थित जिम के शीशे पर लगी थी। मुंबई पुलिस की जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ ने रविवार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा एसटीएफ की मदद से अभियान चलाया।
इस दौरान बिजाैली निवासी शूटर दीपक शर्मा, सनी ठाकुर, सोनू, रितिक यादव, जतिन भारद्वाज, विशाल ठाकुर और विष्णु कुशवाह को गिरफ्तार किया गया। इनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है। इन गिरफ्तारियों के साथ मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी शुभम लोनकर फरार है।
इससे पहले, अपराध शाखा ने आदित्य गैकी(19), सिद्धार्थ येनपुरे(20), समर्थ पोमाजी(18), स्वप्निल सकट(23) और आसाराम फासले को गिरफ्तार किया गया था। इन पर शूटर को स्कूटर, अन्य सामान और हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। एक अधिकारी ने बताया कि विष्णु कुशवाह शूटर दीपक शर्मा का रिश्ते का चचेरा भाई है। सभी आरोपी एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन पुणे से पहले गिरफ्तार किए गए लोगों से उनका कोई सीधा संबंध नहीं था। उनके गिरोह का सरगना शुभम लोनकर दोनों गिरोहों का नेतृत्व करता था।
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