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Braj ki Holi 2023: राधा के गांव से आया न्योता, तो झूम उठा कान्हा का नंदगांव

Tue, 28 Feb 2023 10:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में होली का उल्लास चरम पर है। सोमवार को नंदगांव में बरसाना से लठामार होली का निमंत्रण पहुंचा। नंदभवन में सखियों को नचाने के लिए सुंदर स्टेज सजाया गया।
 
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लठामार होली निमंत्रण: नृत्य करती सखियां और ग्वाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा बरसाने से सोमवार को राधा की सखियों के प्रतिनिधि के रूप में एक टोल लठामार होली के निमंत्रण का गुलाल लेकर नंदभवन पहुंचा तो हुरियारे खुशी से जूझ उठे। इस दौरान बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी आयोजन का लाभ उठाया। 
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सुबह से ही होली का न्योता मिलने की खुशी हुरियारों में साफ दिखाई दे रही थी। नंदभवन में सखियों को नचाने के लिए सुंदर स्टेज सजाया गया। मंदिर को नवेली दुल्हन के स्वागत की भांति सजाया गया। कृष्ण-बलराम को आकर्षक पोशाक पहनाई गई। सुबह 11 बजे सखियों का टोल नंदगांव के नंदभवन में पहुंचा। सखियों को देखकर कान्हा के सखा यानि हुरियारे सतर्क हो गए। मंदिर परिसर में हल्ला मच गया कि बरसाने से न्यौंतौ आय गयौ रे, सखी आय गईं रे। दर्जनों सखियों का टोल ढोल की थाप पर झूमते हुए मंदिर परिसर में पहुंचा। सर्वप्रथम सखियों ने निमंत्रण रूपी मिट्टी के कलश जैसी कमोरी, जिसमें गुलाल, बीड़ा, मठरी, इत्र आदि था को सेवायत को सौंपा। 

सेवायत ने कमोरी को नंदबाबा और कन्हैया के चरणों में रख दिया। सखियों ने कृष्ण-बलराम के सामने आय जइयो श्याम बरसाने गाम होरी कौ मजा चखाय दुंगी, पदों पर नृत्य किया। इसके बाद पूरे नंदभवन में बरसाना से न्योता आने की बात बताई गई। मंगलवार को लठामार होली खेलने के निमंत्रण को सुनकर सखा उत्साहित हो उठे। उत्साहित हुरियारे सखियों को नृत्य के लिए मंच तक ले गए। इस दौरान नंदबाबा मंदिर के सेवायतों ने सखियों का चुनरी पहनाकर स्वागत किया।

लाठियों की मार से बचने को हुरियारों ने कसी कमर

सोमवार को बरसाना से लठामार होली का न्योता मिलने के बाद हुरियारे भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। मंगलवार को बरसाना प्रस्थान से पूर्व गोस्वामीजनों द्वारा चौपाई निकाली जाएगी। नंदबाबा मंदिर से गोस्वामियों के पूर्वज बाबा आनंदघन की चौपाल तक चौपाई को ले जाएंगे, फिर यहां से वापस नंदगांव हमारौ खेरौ, बाबा नंद-जसोदा मैया श्याम सखा संग मेरौ का गान करते हुए सभी हुरियारे पुन: सिंह पौर पर पहुंचेंगे। अष्टमी की रात में समाज गायन के दौरान बरसाना से आए गुलाल को वितरित किया गया। ढालों को गोटा, सितारे आदि की सहायता से विभिन्न प्रकार से सजाया जा रहा है। बरसाना जाते समय संकेत वट मार्ग से प्रियाकुंड पहुंचेंगे। जहां बरसाना के लोग उनकी अगुवानी भांग ठंडाई और रंग, गुलाल आदि लगाकर करेंगे।
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