जिला पंचायत कार्यालय, मैनपुरी
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2017 में आया था अविश्वास प्रस्ताव
जिला पंचायत अध्यक्ष संध्या यादव अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी कुर्सी बचाने में सफल रही थीं। जनवरी 2015 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से पद संभालने के बाद जुलाई 2017 में सपा ने ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया।
इसके पीछे कहीं न कहीं जिला पंचायत अध्यक्ष संध्या यादव के पति अनुजेश प्रताप यादव द्वारा फिरोजाबाद में भाजपा के समर्थन के कारण ऐसा होने की चर्चाएं होती रहीं थी। अविश्वास प्रस्ताव पर कुल 32 जिला पंचायत सदस्यों में से 23 के हस्ताक्षर थे। बाद में वह भाजपा के साथ जोड़ तोड़कर जिला पंचायत अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचा ले गईं।
-14 जनवरी 2015 को संभाली थी कुर्सी
-07 जुलाई 2017 को आया अविश्वास प्रस्ताव
-13 जनवरी 2021 को खत्म हो रहा है कार्यकाल
-30 जिला पंचायत सदस्यों के लिए इस बार होगा चुनाव
अपर मुख्य अधिकारी तपेष चंद्र वर्मा ने बताया कि 13 जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। उनके डीएससी रात को ठीक 12 बजे अपंजीकृत कर दिए जाएंगे। इसके बाद वे कोई भी भुगतान नहीं कर सकेंगी। जिलाधिकारी प्रशासक के तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का निर्वाह करेंगे।