आगरा के आलोक नगर कॉलोनी में एक लंगूर को पेड़ से बांधकर रखा गया था। शिकायत पर पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल्स (पेटा) ने वाइल्ड लाइफ एसओएस और वन विभाग के सहयोग से लंगूर को मुक्त कराया। उसे वन विभाग के जंगल में छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया था कि पिछले कई दिनों से लंगूर बांधा जा रहा है। उसके गले की रस्सी टाइट है और उसे गर्मी और बरसात में भी पेड़ पर ही बंधा छोड़ दिया जाता है।
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संरक्षित है लंगूर
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने बताया कि लंगूर संरक्षित प्रजाति का जीव है। जिसे पकड़कर या पालतू जानवर के रूप में नहीं रखा जा सकता। ऐसा करने वाले को तीन साल तक की जेल, नकद जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं।