फतेहाबाद। तहसील फतेहाबाद के मौजा कौलारा कलां में जमीन की जालसाजी और कूट-रचित दस्तावेजों को तैयार अपनी जीवित नानी को मृत दर्शाकर जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। फिर धोखाधड़ी उसे बेच दिया। पीड़िता ने थाना फतेहाबाद में आरोपी पति-पत्नी समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़िता सरोज देवी निवासी कौलारा कलां थाना डौकी ने थाना फतेहाबाद में तहरीर देकर पुलिस को बताया कि उन्होंने मौजा कौलारा कलां स्थित गाटा संख्या-1333 रकवा 0.8720 का 2/3 भाग मार्च 2013 में किशनप्यारी पत्नी गिरीश कुमार निवासी कौलारा कलां थाना डौकी से खरीदी गई थी। जांच में सामने आया कि बाॅबी सिंह उर्फ नीरज कुमार ने अपनी जीवित नानी शांति देवी को मृत दर्शाकर फर्जी वारसी अपने नाम कराई। इसके बाद उसने अक्तूबर 2011 में जमीन का दान पत्र पत्नी सुमन के नाम कर दिया। सुमन ने उसी दिन यह जमीन किशनप्यारी को 8.72 लाख रुपये में बेचने का इकरारनामा कर बैनामा कर दिया, जिसे बाद में सरोज देवी को बेच दिया गया। जब नानी के असली वारिसों को भनक लगी, तो उन्होंने फर्जी वरासत निरस्त करवाकर खतौनी में अपना नाम वापस दर्ज कराया। इससे सरोज देवी का मालिकाना हक खत्म हो गया। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी बोबी सिंह उर्फ नीरज कुमार निवासी बड़ा गांव, कौलारा कलां थाना डौकी, सुमन पत्नी बोबी सिंह उर्फ नीरज कुमार निवासी बड़ा गांव, कौलारा कलां थाना डौकी, किशनप्यारी पत्नी गिरीश कुमार निवासी कौलारा कलां थाना डौकी के खिलाफ फतेहाबाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।