मेट्रो यार्ड के लिए जमीन की पैमाइश का काम पूरा हो गया है। अधिकारियों के बीच वार्ता हो गई है। तय हुआ है कि लगभग पांच हेक्टेयर जमीन फोरेंसिक साइंस लैब ( एफएसएल) की ली जाएगी और चार हेक्टेयर पीएसी की जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
कुल नौ हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। लगभग इतनी ही जमीन पीएसी की है। अगर यार्ड इसी जमीन पर बना दिया जाता तो पीएसी की 15वीं बटालियन को कहीं और शिफ्ट करना पड़ा। जमीन देखी गई थी। महुआखेड़ी में मिल भी गई लेकिन पीएसी वहां जाने के लिए तैयार नहीं थी।
इसके बाद नए सिरे से जो कवायद हुई, इसमें तय हुआ है कि कुछ जमीन पीएसी और कुछ एफएसएल की ली जाए तो काम बन सकता है। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, प्रशासन, पीएसी, एफएसएल के अधिकारियों ने इस पर मंथन किया।