भरगैन में लाला बिहारी के मकान के पास खड़े लोग।
कासगंज। अहमदाबाद (गुजरात) के चंडोला तालाब की एक लाख वर्ग मीटर से अधिक जमीन पर कब्जा करने, बांग्लादेशियों को अवैध रूप से भारत लाकर शरण देने, मजदूरी व देहव्यापार कराने के आरोप में गिरफ्तार लाला बिहारी उर्फ लाल मोहम्मद कासगंज के पटियाली थाना क्षेत्र के भरगैन कस्बे का मूल निवासी है। लाला बिहारी की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को भरगैन में दिनभर चर्चाएं होती रहीं। बचपन में ही लाला अपनी मां के साथ अहमदाबाद चला गया था। भरगैन के मोहल्ला जहानी थोक में उसका एक छोटा मकान है और 6 बीघा जमीन है। यहां के लोगों ने बताया कि लाला के नाना अहमदाबाद में रेलवे में कर्मचारी थे। बचपन में ही अपनी मां के साथ लाला नाना के पास अहमदाबाद चला गया और वहीं रहने लगा। नाना के साथ ही उसने झाडू का कारोबार किया और झाडू के कारोबार इतना बढ़ा दिया कि उसे सब लाला झाडू वाले के नाम से जानने लगे। इसके बाद उसने अहमदाबाद में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए। वहां चंडोला तालाब की एक लाख वर्ग मीटर से अधिक जमीन कब्जाकर उसने काले कारोबार का साम्राज्य खड़ा कर दिया। उस पर अहमदाबाद में बांग्लादेश से मानव तस्करी कर महिला पुरुषों को भारत लाने और यहां मजदूरी कराने व बसाने का आरोप है। लाला पर बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय दस्तावेज बनवाने के भी गंभीर आरोप हैं।
2022 में हुई थी अवैध कब्जे की शिकायत : वर्ष 2022 में गुजरात के राज्यपाल व मुख्यमंत्री से चंडोला तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई थी। वर्ष 2023 में उसके ऊपर हत्या के प्रयास व अन्य आरोपों में गुजरात में प्राथमिकी भी दर्ज की गई। इसके बाद से वह फरार था। पहलगाम हमले के बाद पुलिस ने अभियान चलाकर चंडोला ताबाल इलाके से 150 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। साथ ही 29 अप्रैल को पुलिस ने चंडोला तालाब की भूमि से अवैध कब्जे हटाकर उसका साम्राज्य खत्म कर दिया।
भरगैन में समाजसेवी की छवि :
लाला बिहारी के भरगैन के दोस्त शकील बताते हैं कि वह करीब तीन वर्ष पूर्व भरगैन आया था। यहां पर उसका मकान व जमीन है। उन्होंने बताया कि वह समाजसेवा करता था। अहमदाबाद के मंदिर, मस्जिद, गुरुदारे के निर्माण में वह निशुल्क लेबर भेजता था और दान पुण्य भी करता था। बताया जाता है कि लाला ने चार शादियां की हैं, जिनसे उसे नौ संतानें हैं। कई बैंक खातों में उसने अपनी काली कमाई छिपाई है।