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मुड़िया पूर्णिमा मेला: पांच दिन आस्था में डूबा रहेगा ब्रज, गोवर्धन में विश्वभर से आएंगे लाखों श्रद्धालु

Tue, 16 Jul 2024 11:35 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी. मथुरा

सार

गोवर्धन में आयोजित मुड़िया पूर्णिमा मेले के चलते पांच दिन पूरा ब्रज आस्था में डूबा रहेगा। यहां विश्वभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। 
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दानघाटी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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तीर्थनगरी मथुरा का विश्व विख्यात मुड़िया पूर्णिमा मेला 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी से शुरू हो रहा है। आस्था के समुद्र में लाखों भक्त 22 जुलाई मुड़िया पूर्णिमा की अगले दिन तक गिरिराज जी महाराज की शरण में डुबकी लगाएंगे। इन पांच दिनों में नाचते-गाते हुए सात कोसीय परिक्रमा भक्तों द्वारा लगाई जाएगी। भक्तों की इस अटूट श्रद्धा को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। सोमवार को ही सुरक्षा बल व मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है।

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एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मेले के संबंध में सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। जिला पुलिस की ओर से 2500 जवानों को तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के मद्देनजर पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस की 35 अस्थाई चौकी बनाई गई है। वहीं, 110 बैरियर बनाए गए हैं। इन बैरियर से वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा 72 वाहन पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। किसी भी तरह मेले में एक स्थान पर भीड़ न जुटे। एसपी देहात ने बताया कि पुलिस द्वारा मेले पर निगरानी के लिए 31 वाच टावर बनाए गए हैं।

19 जुलाई से इस प्रकार रहेंगे कार्यक्रम

19 जुलाई की शाम को राधाकुंड कीर्तन मंडली चकलेश्वर स्थित भजन कुटीर जाएगी। मंगलघट स्थापना शाम को आठ बजे की जाएगी। 20 जुलाई को सुबह छह बजे से हरिनाम संकीर्तन आरंभ होगा। यह 21 जुलाई की सुबह 6 बजे तक निरंतर चलता रहेगा। 21 जुलाई को जब रघुनाथ दास गोस्वामी का मुड़िया मेला का निशान चिन्ह मंडली के साथ कीर्तन करते हुए संत चकलेश्वर भजन कुटीर में लेकर पहुंचेंगे। वहां पूजन आदि के बाद दोपहर बाद 4 बजे मुड़िया मेले का शुभारंभ होगा।
 

21 जुलाई को दो डोले निकलेंगे

21 जुलाई को राधा श्याम सुंदर मंदिर के महंत रामकृष्ण दास की अगुवाई में पहला डोला सुबह 10 बजे निकलेगा। इसी दिन शाम को 5 बजे से चैतन्य महाप्रभु मंदिर से महंत गोपालदास महाराज की अगुवाई में प्राचीन डोला निकलेगा। मुड़िया संत डोले को एक किलोमीटर में घुमाएंगे। राधारमण दास, कृष्णदास व अन्य संत व वेदपाटी विद्यार्थी श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी का निशान लेकर 21 किमी की परिक्रमा लगाएंगे। इनकी 21 जुलाई को सुबह 8.30 बजे राधाकुंड स्थित श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी से शुरू होगी।
 

मुड़िया पूर्णिमा मेला में यह रहेगी व्यवस्था

  • मेला 15 जुलाई से प्रारंभ होकर 22 जुलाई को समाप्त होगा। इसमें मुख्य रूप से गुरु पूर्णिमा 20 जुलाई की रात्रि से प्रारंभ होकर 21 जुलाई की शाम समाप्त होगा।
  • समस्त मेला क्षेत्र को 09 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिसके लिए मजिस्ट्रेट/प्रभारी पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है।
  • मेला को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए 105 बैरियर, 70 पार्किंग स्थल, 31 वॉच टावर, 05 स्थाई पुलिस चौकी, 37 अस्थायी पुलिस चौकी, 52 मोबाइल, 06 खोया पाया केंद्र 12 फायर टेंडर टीम स्थापित की जाएंगी।
  • लगभग 3700 अधिकारी/कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त पुलिस बल के साथ 3 कंपनी पीएसी, एक कंपनी एसडीआरएफ/फ्लड टीम भी व्यवस्था रहेगी।
  • महत्वपूर्ण चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस एवं 6 रिकवरी वैन भी व्यवस्थापित की जाएंगी।
  • एक रेडियो निरीक्षक, 9 रेडियो उप निरीक्षक, 14 प्रधान परिचालक, 39 सहायक परिचालक के साथ-साथ 200 हैंड हैल्ड सेट एवं 30 स्टेटिक/मोबाइल सेट की व्यवस्था की गई है।
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परिक्रमा मार्ग को बड़ी परिक्रमा एवं छोटी परिक्रमा के रूप में दो भागों में विभाजित है। इसमें बड़ी परिक्रमा 12 किमी (4) कोस), जो दान घाटी मंदिर से प्रारंभ होकर जतीपुरा मंदिर होते हुए दानघाटी मंदिर पर ही समाप्त होती है। इस परिक्रमा में 1.2 किमी क्षेत्र राजस्थान राज्य के अंदर आता है। इसी प्रकार छोटी परिक्रमा 9 किमी (3 कोस) भी दान घाटी मंदिर के समीप ही प्रारंभ होकर समाप्त होता है।
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