आर्काइव के पन्नों में दर्ज है पूरी कहानी
अमर उजाला आर्काइव के पन्नों में पाकिस्तानी सेना के हमलों का ब्योरा तो है ही, 93 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण और लाहौर तक 3600 वर्ग किमी जमीन भारतीय सेना के कब्जे में आ जाने की खबरें भी प्रकाशित की जा चुकी हैं।
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पाकिस्तान को हर बार मुंह की खानी पड़ी
आजादी के बाद कश्मीर में कबाइलियों के भेष में हमला हो या वर्ष 1965 में अप्रैल से सितंबर तक चला युद्ध या फिर वर्ष 1971 में ऑपरेशन चंगेज खां, हर बार पाकिस्तान ने मुंह की खाई। अमर उजाला ने आजादी के बाद से पाकिस्तान की हर हिमाकत पर खबरें जनता के सामने पेश कीं।
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लाहौर तक पहुंची भारतीय सेना का शौर्य प्रमुख
इनमें वर्ष 1965 में अप्रैल से सितंबर के बीच चले युद्ध की हर दिन की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गईं। इनमें सीमा पार कर लाहौर तक पहुंची भारतीय सेना का शौर्य प्रमुख है, वहीं वर्ष 1971 में बांग्लादेश की स्थापना के साथ पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण को लोगों ने देखा।
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