समाजवादी पार्टी की नई सूची में से तीन पूर्व घोषित प्रत्याशियों का पत्ता साफ कर दिया गया है। इसमें आगरा उत्तर सीट से कुंदनिका शर्मा, दक्षिण सीट से क्षमा जैन सक्सेना और एत्मादपुर सीट से प्रेम सिंह बघेल हैं। ग्रामीण और फतेहाबाद सीट पर पहली सूची में शामिल प्रत्याशियों पर ही भरोसा जताया है। वहीं, सपा छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके अरिदमन सिंह और पक्षालिका सिंह की जगह बाह और खेरागढ़ विधानसभा सीट पर सपा ने भी दलबदलुओं को मौका दिया है।
सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। इससे पहले अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव द्वारा जारी की गई प्रत्याशियों की सूची पर आपत्ति व्यक्त की थी। इसके जवाब में उन्होंने अपनी अलग सूची जारी की थी। मगर, इसमें तीन सीटों पर ही प्रत्याशी घोषित किए गए थे। खेरागढ़ से पक्षालिका सिंह, बाह से अरिदमन सिंह और फतेहपुर सीकरी से लाल सिंह लोधी को प्रत्याशी घोषित किया था। इसमें से अरिदमन और पक्षालिका सिंह पार्टी छोड़ गए। बचे लाल सिंह लोधी तो उनका नाम नई सूची में भी है। वहीं, छावनी सीट के प्रत्याशी चंद्रसेन टपलू के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी ममता टपलू को चुनावी मैदान में उतारा है।
एत्मादपुर : राजा बेटी
ब्लॉक प्रमुख राजा बेटी को पार्टी ने एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतारा है। पहली सूची में प्रेम सिंह बघेल का नाम था। वह इससे पहले भी विधानसभा का चुनाव लड़ चुके थे। 2012 के चुनाव में 71478 वोट हासिल कर वह दूसरे स्थान पर रहे थे। मगर, नई सूची में उन्हें जगह नहीं दी गई है।
छावनी: ममता टपलू
चंद्रसेन टपलू के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने उनकी पत्नी ममता टपलू को ही इस सीट पर प्रत्याशी घोषित किया है। वह पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं। चंद्रसेन टपलू की लोकप्रियता को देखते हुए ही इस बार ममता को मौका दिया गया है। चंद्रसेन टपलू 2012 के चुनाव में 45,684 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
दक्षिण: नजीर अहमद
क्षमा जैन सक्सेना को हटाकर पार्टी ने पिछली बार कांग्रेस से इसी सीट से चुनाव लड़ चुके नजीर अहमद को सपा का प्रत्याशी घोषित किया है। क्षमा जैन सक्सेना पहली सूची में नाम आने के बाद से प्रचार में लगी हुई थीं। मगर, ऐन वक्त पर उनका पत्ता साफ कर दिया। 2012 के चुनाव में नजीर को 39,962 वोट मिले। वह तीसरे नंबर पर रहे थे।
उत्तर: अतुल गर्ग
भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने कुंदनिका शर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। मगर, परिवार की कलह में उन्हें भी इस सीट से हाथ धोना पड़ा है। उनकी जगह व्यवसायी अतुल गर्ग को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है। अतुल गर्ग का यह पहला चुनाव है। इससे पहले उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा।
ग्रामीण: राकेश धनगर
फतेहाबाद के ब्लॉक प्रमुख राकेश धनगर पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। वह संगठन में भी कई पदोें पर रह चुके हैं। जिला पंचायत सदस्य भी रहे। राकेश का नाम पहली सूची में भी था। वह चुनिंदा प्रत्याशियों में से हैं, जिनका नाम दूसरी सूची में भी है। इसकी वजह पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ बताई जा रही है।
फतेहपुर सीकरी: लाल सिंह लोधी
पार्टी ने राम निवास शर्मा को किनारे करते हुए इसी सीट से लाल सिंह लोधी को प्रत्याशी घोषित किया है। उनका नाम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा जारी की गई सूची में भी था। मगर, पहली सूची में मुलायम-शिवपाल ने इस सीट से राम निवास शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया था। लाल सिंह लोधी जिला पंचायत सदस्य भी रहे हैं।
खेरागढ़: अमर सिंह परमार
भाजपा से टिकट न मिलने से असंतुष्ट अमर सिंह परमार को सपा ने इस सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वह 2005 के उपचुनाव में रालोद के बैनर तले विधायक चुने गए थे। वर्ष 2002 में बसपा के प्रत्याशी रहे। वर्ष 2007 में फिर से रालोद और वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे। मगर, जीत नहीं मिली।
फतेहाबाद: डा. राजेंद्र सिंह
2012 में पार्टी के प्रत्याशी रह चुके डा. राजेंद्र सिंह को इस बार भी चुनाव लड़ने का मौका दिया है। पिछले चुनाव में 72,399 वोट हासिल कर वह दूसरे नंबर पर रहे थे। इससे पहले वर्ष 2007 के चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी के रूप में इसी सीट से चुनाव जीते थे। डा. राजेंद्र सिंह का नाम पहली सूची में भी था।
बाह: अंशु देवी निषाद
भाजपा नेता दिवंगत रामसेवक की पत्नी अंशूरानी को सपा ने पक्षालिका सिंह की टक्कर में उतारा है। अंशु के पति की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिनती की जाती थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अंशूरानी को ‘गरीबों की रानी’ नाम देते हुए पक्षालिका सिंह के खिलाफ लड़ाने को कहा है। यह उनका पहला चुनाव होगा।