डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में आवासीय परिसर के संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों में विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए प्रक्रिया जारी कर दी है। प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। विद्यार्थी द्वारा कॉलेज में प्रवेश के लिए फार्म भरते ही उसका ब्योरा विश्वविद्यालय के पास पहुंच जाएगा। इस तरह कॉलेज व संस्थानों में प्रत्येक सीट पर दाखिले की जानकारी विवि प्रशासन के पास होगी।
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विश्वविद्यालय की वेब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 25 जुलाई से शुरू होगी। प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.dbrau.org.in पर एडमिशन 2020-21 पर क्लिक करना होगा। प्रत्येक कॉलेज को अपनी वेबसाइट बनानी होगी।
इन पर अनिवार्य रूप से प्रॉस्पेक्टस डालना होगा। कॉलेज के साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट की जानकारी देनी होगी। एक कंप्यूटर ऑपरेटर को अधिकृत कर उसका नाम और मोबाइल नंबर विश्वविद्यालय को देना होगा। कॉलेज अपने पुराने पोर्टल के यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर सकता है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
लॉगिन करने के बाद कॉलेज को तीन तरह के लिंक दिखेंगे। रिपोर्टिंग दबाने पर विश्वविद्यालय को मैसेज मिल जाएगा। इसमें विद्यार्थी का कोर्स और वेब रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा। दूसरे लिंक पर क्लिक करके विद्यार्थी को प्रमाणपत्र सत्यापन की तिथि दी जा सकती है।
प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद प्रमाणपत्र सत्यापन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। कॉलेजों के सामने तीन विकल्प होंगे - एडमिट, नॉन एडमिट और वेटिंग लिस्ट। एडमिट का बटन दबाने पर यह स्पष्ट होगा कि विद्यार्थी का संबंधित कॉलेज में प्रवेश लिया जा रहा है, दूसरे जगह वह प्रवेश नहीं ले सकेगा।
सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ओटीपी आएगा
सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों व सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के पास ओटीपी आएगा। विद्यार्थी ओटीपी को संबंधित कॉलेज को बताएगा। कॉलेज उस ओटीपी का उपयोग करके ही विद्यार्थी का प्रवेश ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर, अनुदानित कॉलेज व राजकीय कॉलेज में सभी नियमित पाठ्यक्रमों में बिना ओटीपी के प्रवेश लिया जाएगा। ओटीपी की अवधि पांच दिन तक रहेगी। उसके बाद अवधि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में संबंधित कॉलेज से अभ्यर्थी का नाम हट जाएगा। दूसरे कॉलेज का विकल्प रहेगा।
प्रवेश न हो पाने की मिलेगी सूचना
कॉलेजों में जिन विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो पाएगा, उनकी सूचना अभ्यर्थी के मोबाइल नंबर पर पहुंच जाएगी। कॉलेज को नॉन एडमिट का बटन दबाना होगा। विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों में प्रवेश ले सकेगा। वेटिंग लिस्ट में किसी विद्यार्थी को रखा गया है, इस अवधि में उसका प्रवेश किसी अन्य कॉलेज में हो जाता है तो उसका नाम संबंधित वेटिंग लिस्ट से हट जाएगा।
टोलफ्री नंबर पर मिलेगी प्रवेश की जानकारी
विश्वविद्यालय की वेबसाइट और प्रवेश फार्म पर टोलफ्री नंबर प्रदर्शित किया जाएगा। उस पर प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी मिल जाएगी।
इस प्रवेश प्रक्रिया के कई फायदे होंगे: कुलपति
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि इस वर्ष प्रवेश के लिए तैयार की प्रक्रिया के कई फायदे होंगे। कॉलेज सीट से अधिक प्रवेश नहीं ले सकेंगे। प्रवेश होते ही विद्यार्थी का सारा डाटा विश्वविद्यालय के पास पहुंच जाएगा। कॉलेज मेरिट से इतर प्रवेश करेंगे तो पता चल जाएगा।
कॉलेज के लिए विद्यार्थी जो फॉर्म भरेगा वह विश्वविद्यालय के पास आ जाएगा। विद्यार्थी एक ही जगह प्रवेश ले सकेगा। दूसरी जगह प्रवेश लेने के लिए पहले वाले कॉलेज से नाम हटवाना होगा।
पहले परीक्षा फॉर्म भरते समय पता चलता था कि एक विद्यार्थी ने एक से अधिक कॉलेजों में प्रवेश ले रखा है। वेब रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल प्रवेश फॉर्म भरते समय किया जाता था।