योगी सरकार ने आगरा जिले के हजारों किसानों का ऋण माफ कर बड़ी राहत दी थी, लेकिन अब यही राहत उनके लिए आफत बन गई है। कर्ज माफ होने के बाद किसानों को रिकवरी नोटिस मिल रहे हैं।
जिले के कागारौल, अकोला, किरावली के किसानों को ऋण माफी का लाभ दिया गया था। उन्हें सरकारी समारोह में ऋण मोचन के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए थे।
स्टेट बैंक ने ऑडिट के बाद 50 से ज्यादा किसानों की ऋण माफी वापस ले ली है। उन्हें रिकवरी नोटिस थमाए गए हैं। अब किसान हैरान और परेशान हैं। अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
किसानों को मिल चुके हैं प्रमाण पत्र
कागारौल के गांव रिठोरी के किसान नेत्रपाल सिंह को ऋण माफी योजना में 57 हजार रुपये का ऋण माफ किया गया था। इसी तरह साले नगर, कागारौल के रविंद्र सिंह का 49 हजार रुपये का ऋण भी माफ हुआ था।
इन दोनों किसानों को सरकारी समारोह में सांसद चौधरी बाबूलाल और विधायक महेश गर्ग ने उत्तर प्रदेश फसल ऋण मोचन योजना के तहत ऋण माफी के प्रमाण पत्र सौंपे गए थे।
नेत्रपाल सिंह ने बताया कि ऋण माफी के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं। इसके बाद ही उन्हें इसका लाभ दिया गया था। बैंक में ऋण खाता भी समाप्त हो गया था।
25 दिन अंदर जमा करें कर्ज
अब स्टेट बैंक ने नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा दी गई ऋण माफी वापस हो गई है। अब आपको बकाया ऋण और उसका ब्याज वापस करना होगा।
कहा गया है कि बिना विलंब के 25 दिन के भीतर जमा करवाकर अपना खाता सुव्यवस्थित कर दें। अगर बकाया धनराशि जमा नहीं की तो बैंक कानूनी कार्यवाही करने को मजबूर होगी।
नेत्रपाल ने बताया कि उनका ही नहीं कागारौल, किरावली, दिगरौता के 50 से अधिक किसानों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। रविंद्र सिंह ने बताया कि आखिर सरकार ने उनके साथ धोखाधड़ी क्यों की।
डीएम बोले- जांच कराई जाएगी
दोनों किसानों ने जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क किया तो अधिकारियों ने बताया कि उनके विभाग से ऋण माफी योजना में चयन किया गया था। अब वो जिलाधिकारी से संपर्क करें। किसानों ने प्रभारी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ को पूरे मामले की जानकारी दी है।
ऋण माफी योजना में शामिल किसानों को अन्य ब्लाकों में भी बैंक द्वारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। एत्मादपुर, फतेहपुरसीकरी से भी इस तरह की शिकायतें आई हैं। बैंक से ऋण माफ होने के बाद भी उन्हें नोटिस भेजे गए हैं।
इस संबंध में प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि ऋण माफी योजना में चयनित होने के बाद भी रिकवरी के नोटिस जारी किए जाने की शिकायत की है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। किस तरह नाम हटाए गए। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।