व्यापारी मोहल्ला में बुधवार की सुबह बाइक टकराने के विवाद ने तूल पकड़ लिया। संप्रदाय विशेष के लोगों ने फौजी और उसके भाई की पिटाई लगा दी। फौजी के धमकी देने पर आगरा-जयपुर हाईवे जाम कर वाहनों पर पथराव किया। दहशत में तहसील की दुकानें बंद हो गईं। मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया। उधर, फौजी के गांव अभुआपुरा से भी सैकड़ों लोग आ गए। टकराव के हालात बनते देख एसडीएम रेखा एस. चौहान ने पंचायत कराकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
अछनेरा के गांव अभुआपुरा निवासी देवेंद्र सिंह सेना में हैं। वह बुधवार सुबह नौ बजे भाई चंद्रवीर के साथ बाइक से व्यापारी मोहल्ला से गुजर रहे थे। स्पीड ब्रेकर पर बाइक फिसल गई। मोहल्ले के मानू पुत्र अजमेरी ने देवेंद्र पर बाइक से टक्कर मारने का आरोप लगाया। कहासुनी पर मानू पक्ष के लोगों ने देवेंद्र की पिटाई कर दी। दूसरी बाइक से आ रहे छोटू, रामू, मोहर सिंह आदि ने बीचबचाव किया तो उनसे भी मारपीट की। फौजी देवेंद्र, उनके भाई चंद्रवीर, छोटू, रामू समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए। जाते वक्त फौजी ने धमकी दी। इस पर समुदाय विशेष के लोग जयपुर-आगरा हाईवे पर पहुंचकर वाहनों पर पथराव करने लगे। देवेंद्र की बाइक तोड़ डाली। हाईवे पर पथराव से ट्रैफिक थम गया।
उधर, किरावली तहसील के गेट पर दुकानें बंद हो गईं। सूचना पर एसडीएम रेखा एस. चौहान पुलिस बल के साथ पहुंचीं। पुलिस ने पथराव करने वालों को खदेड़ा। दो हमलावरों को हिरासत में लिया तो भीड़ ने चौकी पर हंगामा शुरू कर दिया। उधर, कुछ ही देर में अभुआपुरा से भी सैकड़ों ग्रामीण किरावली पहुंच गए। इससे दो संप्रदायों में टकराव की स्थिति बन गई। एसडीएम ने दोनों पक्षों के संभ्रांत लोगों को बुलाकर चौकी में पंचायत की। तीन घंटे चली पंचायत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
लेकिन नहीं पहुंचे सीओ
तहसील के सामने हाईवे पर आधा घंटे तक अराजकता का माहौल रहा। लोगों ने जान बचाने को कंट्रोल रूम और सीओ अछनेरा को फोन किए, लेकिन सीओ का मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। तीन घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद भी सीओ अछनेरा मौके पर नहीं पहुंचे।