कासगंज के सिढ़पुरा में कालीनदी के समीप जंगल में कांबिंग के दौरान शराब की भट्ठी को नष्ट करती पुलिस
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कासगंज। गंगा और काली नदी की खादर में अवैध शराब का कारोबार खूब फलफूल रहा है। घटना पर अभियान का ढिंढोरा पीटा जाता है लेकिन माफिया अवैध शराब का अपना गोरखधंधा जारी रखते हैं। ऐसे में पुराने अभियानों पर सवाल उठते नजर आते हैं। पूर्व में भी कई बार अवैध शराब के विरुद्ध अभियान चले। इस कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के साथ-साथ आबकारी विभाग को भी संजीदगी दिखानी होगी।
गंगा और काली नदी के खादर से सटे ग्रामों में अवैध शराब का कारोबार फलता फूलता रहा है। इसकी पुष्टि पहले भी हो चुकी है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने अवैध शराब के विरुद्ध अभियान तो चलाए लेकिन औपचारिकताएं पूरी की गईं।
नगला धीमर में काली नदी के खादर की घटना के बाद से पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस के साथ साथ आबकारी विभाग को संजीदगी दिखानी होगी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
फिर किया गया अभियान का दावा
अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने का एक बार फिर से दावा किया गया है। पुलिस और आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा और जिले में पूरी तरह से अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाया जाएगा।
- अवैध शराब के खिलाफ पुलिस समय समय पर अभियान चलाती है। जिलेभर में सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया जा चुका है कि वे अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रखें- आदित्य वर्मा, एएसपी।
- पटियाली क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ निरंतर अभियान चला रहे हैं। जहां भी जानकारी मिलती है तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाती है। अवैध शराब माफियाओं को चिह्नित करने का काम तेजी से चल रहा है- परमहंस, आबकारी निरीक्षक, पटियाली।
रिपोर्ट एवं संपादन अजय झंवर