मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र में तीन साल पहले बेटी की गला दबाकर हत्या करने वाले पिता को अपर जिला जज तृतीय पूनम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसे जेल भेज दिया।
थाना घिरोर के ताहरपुर निवासी शेर सिंह की पत्नी सर्वेश कुमारी पति से चल रहे विवाद केे बाद अपने भाई के पास गंाव पेंदापुर थाना बागवाला जिला एटा के पास रहती थी। उसकी पुत्री मुस्कान, अन्नू और पुत्र विवेक अपने पिता के पास रहते थे। सर्वेश कुमारी अपने बच्चों से मिलने ससुराल आती रहती थी। चार फरवरी 2018 को शेरसिंह ने मुस्कान की गला दबाकर हत्या कर दी। अन्नू और विवेक को भी गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। जानकारी होने पर ससुराल पहुंची सर्वेश कुमारी ने शेरसिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने जांच करके शेरसिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज तृतीय पूनम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर शेरसिंह को पुत्री की हत्या करने और दूसरी पुत्री सहित पुत्र को जान से मारने की कोशिश करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मनोज कुमार वर्मा ने कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज तृतीय पूनम ने हत्यारे पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद शेरसिंह को जेल भेजा गया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
शेरसिंह को पुलिस ने जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बृहस्पतिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया।
बच्चों ने दी पिता के खिलाफ गवाही
शेर सिंह के खिलाफ उसकी छोटी बेटी अन्नू और बेटे विवेक ने भी अदालत में गवाही दी। उन्होंने अदालत में बताया पापा ने मुस्कान को गला दबाकर मार दिया। उनको भी गला दबाकर मारने की कोशिश की। जब उन्होंने शोर मचाया तो गंाव के लोग आ गए। तब पापा घर से भाग गए। बच्चों की गवाही पर सजा सुनाई गई।
पति के खिलाफ लड़ी कानूनी लड़ाई
बेटी की हत्या के बाद सर्वेश कुमारी दोनों छोटे बच्चों को अपने साथ मायके ले गई। बेटी की हत्या करने वाले पति को सजा दिलाने के लिए उसने जमकर पैरवी की। हर तारीख पर वह मायके से अदालत में पैरवी करने आई। उसने भी अदालत में पति के खिलाफ गवाही दी।