आगरा के थाना सदर के रोहता में जीजा की हत्या कर फरार हुए साले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह बहन के प्रेम-विवाह पर गांव वालों के तानों और अपने अपमान से नाराज था। वह जीजा के साथ बहन को भी जान से मारना चाहता था। उसने घटना वाले दिन दो तमंचे हाथों में लेकर गोली चलाई थी, लेकिन बहन बच गई। वारदात के बाद वह आगरा से बाहर चला गया। अब सामान लेने आया था तो पुलिस ने उसे शुक्रवार को रोहता चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह नाबालिग निकला। इस पर किशोर संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
वारदात 13 मार्च की रात को हुई थी। गांव पतर्रा, धौलपुर (राजस्थान) निवासी राज सिंह परमार (28) की सोते समय सीने में गोली मारकर हत्या की गई थी। वह हैदराबाद में टाइल्स का काम करता था। उसने प्रेम विवाह किया था। गर्भवती पत्नी रामा देवी के साथ आगरा आया था। रामा देवी का मायका तांतपुर के नया गांव में है। वह पत्नी के प्रसव के लिए आगरा आया था। रोहता में परिचित के यहां रुका था।
रामा देवी का भाई जीजा की हत्या कर फरार हो गया था। पति की हत्या में रामा देवी ने भाई सहित छह को नामजद किया। पुलिस आरोपी की तलाश में लगी थी। वह आगरा से बाहर चला गया था। शुक्रवार को सामान लेने आया था। तभी गिरफ्तार कर लिया गया। उससे दो तमंचे बरामद किए गए। इनसे ही उसने गोली चलाई थी। इसके अलावा आरोपी का मोबाइल और मृतक का मोबाइल भी बरामद किए गए।
मृतक से थी दोस्ती
प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि आरोपी की उम्र 17 साल है। उसने बताया कि बहन की शादी 14 साल पहले अलवर में की थी। उसके एक 10 साल की बेटी और आठ साल का बेटा है। मृतक राज के गांव की दूरी आरोपी के गांव से डेढ़ किलोमीटर है। आरोपी तीन साल पहले दौड़ लगाने जाता था। इस दौरान ही राज से जान पहचान हो गई। राज घर आने लगा। रामा देवी का पति से विवाद चल रहा था। वह मायके में रह रही थी। तभी उसकी मुलाकात राज से हो गई। दोनों में प्रेम-संबंध हो गए।
याद करते थे बच्चे, पिता बहाते थे आंसू
आरोपी ने पुलिस को बताया कि बहन रामा देवी अलवर से सवा साल पहले राज के साथ चली गई थी। इस पर पति ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने उसे बरामद किया। परिजन ने उससे कहा कि वह राज के खिलाफ बयान दे। मगर, उसने ऐसा नहीं किया। पति के साथ जाने से इन्कार कर दिया। वह पिता के घर आ गई। एक साल पहले गांव में आने के बाद भी राज उसे अपने साथ लेकर चला गया। हैदराबाद में रहने लगा। इससे परिवार की काफी बदनामी हो रही थी। लोग ताना मारते थे। बहन के बच्चे भी याद करते थे। उसके सामने रोते थे। इससे वो दुखी हो गया। पिता भी आंसू बहाते थे। इससे वो राज से नफरत करने लगा।
दोनों हाथों में लिए तमंचे, एक साथ चलाई गोली
पुलिस के मुताबिक, राज के आगरा आने के बारे में आरोपी साले को पता चल गया। इस पर उसने दोनों की हत्या की योजना बनाई। उसने राज से संपर्क किया। एक युवक की मदद से दो तमंचे और कारतूस खरीद लाया। राज से व्हाट्सएप काॅल पर बात की। मुलाकात के बाद कहा कि वह परिवार से अलग हो गया है। उसे साथ ही हैदराबाद में काम करना चाहता है। वह राज के साथ उसके घर आ गया। एक दिन काम करने भी गया। मौके की तलाश में लग गया। जब राज और रामा देवी सो गए। उसने दोनों तमंचे निकाले। दोनों को साथ में ही हाथ में ले लिया। एक साथ गोली चला दी। पहली गोली राज को लगी। दूसरे तमंचे से गोली चली। मगर, रामा देवी को नहीं लगी। वह जाग गई। शोर मचा दिया। इस पर वो कमरे से बाहर आया। बाहर खड़ी बाइक से भाग गया।