मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव घमुर्रा में 24 साल पहले वृद्ध की हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को अपर जिला जज द्वितीय मनमोहन सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना कोतवाली क्षेत्र केे गांव घमुर्रा निवासी हाकिम सिंह दो अप्रैल 1997 को गांव में हरीराम और रतीराम के बीच हो रही पंचायत में शामिल होने गए थे। जमीन के विवाद में हुई पंचायत के बाद वह वापस घर जा रहे थे। रास्ते में रतीराम और उनकेे पुत्र रामविलास, छत्तर सिंह ने उनको घेरकर फायरिंग की। जिससे हाकिम सिंह की मौत हो गई। हाकिम के पुत्र राजेंद्र ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज द्वितीय मनमोहन सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने कोर्ट में हाकिम सिंह की हत्या करने के संबंध में गवाही दी। गवाही के आधार पर राम विलास और उसके भाई छत्तर सिंह को हाकिम सिंह की हत्या करने का दोषी पाया गया।
जेल से लाकर सुनाई गई सजा
एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया हाकिम सिंह की हत्या के आरोपी रामविलास और उसकेे भाई छत्तर सिंह को दोषी पाकर 16 फरवरी को जेल भेजा गया था। बृहस्पतिवार को उनको जेल से अदालत लाया गया। अदालत में सजा सुनाए जाने केे बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
एक आरोपी की हो चुकी मौत
हाकिम सिंह की हत्या करने में पुलिस ने रतीराम को भी दोषी पाकर उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेजी थी। हत्या करने के आरोप में रतीराम ने कोर्ट से अपनी जमानत भी कराई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रतीराम की मौत हो गई। उसके बाद उसका मुकदमा समाप्त कर दिया गया।