मैनपुरी/किशनी। कस्बे में सांड़ से बचने के लिए भाग रहे किसान की सोमवार को मौत हो गई थी। मंगलवार केे किसान के शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में किसान की एक किडनी नहीं मिली। जानकारी हुई तो परिजनों ने दोबारा पैनल से पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि दो साल पहले आगरा के एक निजी अस्पताल में किसान की आंत का ऑपरेशन हुआ था। वहां पर ही किडनी निकाल ली गई है। थाना क्षेत्र के सदर बाजार निवासी 38 वर्षीय किसान राजवीर कठेरिया सोमवार की शाम खेत पर गए थे। तभी अचानक सांड़ ने हमला कर दिया था।
बचने के लिए भाग रहे किसान की मौत हो गई थी। परिजन जहां इसे एक हादसा मान रहे थे, वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद हर कोई चौंक गया। किसान के शरीर से एक किडनी गायब थी। जब इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो होश उड़ गए।
परिजनों ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व आगरा के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में आंत का ऑपरेशन हुआ था। इसके अलावा कोई ऑपरेशन नहीं हुआ। वहीं पर चिकित्सक ने किडनी निकाल ली। परिजनों ने आगरा के अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं मामले की जानकारी होते ही किशनी विधायक बृजेश कठेरिया भी मौके पर पहुंच गए।
किडनी होती तो नहीं जाती जान
चिकित्सकों के अनुसार किसी व्यक्ति के शरीर में जन्म से ही एक किडनी होती है। तो उनका शरीर भी उसी के अनुसार ढल जाता है। एक स्वस्थ मनुष्य दो किडनियों के साथ बेहतर जिंदगी जीता है। यदि ऑपरेशन कर एक को निकाल लिया जाए, तो निश्चित तौर पर बड़ा फर्क पड़ता है।
अधिक दौड़ भाग, भारी सामान न उठाना आदि उसके लिए जानलेवा हो सकता है। शायद कुछ ऐसा ही राजवीर के साथ हुआ। उसे नहीं पता था कि शरीर से उसकी एक किडनी निकाली जा चुकी है। वह सांड़ से बचने के लिए बेतहाशा भागा और उसकी जान चली गई। हमलावर सांड़ से अधिक उसकी मौत का जिम्मेदार वह डॉक्टर भी है जिसने राजवीर के शरीर से बिना मर्जी के अंग ही निकाल लिया।
देर शाम ले गए शव
किसान की एक किडनी निकाले जाने की जानकारी होने के बाद परिजन देर शाम तक पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। विधायक बृजेश कठेरिया ने उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। देर शाम परिजनों का विचार बदल गया और वह बिना किसी कार्रवाई के ही शव लेकर गांव चले गए।