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आगरा में कोरोना: किडनी मरीजों की बढ़ी परेशानी, डायलिसिस के लिए दो दिन की वेटिंग

Mon, 11 May 2020 12:49 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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किडनी मरीज - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कोरोना वायरस के कारण किडनी मरीजों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस न होने के कारण जिला अस्पताल में दो गुना मरीज बढ़ गए हैं। यहां 24 घंटे लगातार डायलिसिस होने पर भी 20-25 मरीजों की वेटिंग रहती है। जिस पर मरीजों को दो से तीन दिन तक की तारीखें मिल रही हैं।
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जिले में 17 अस्पताल और दो चैरिटी सेंटरों पर डायलिसिस की सुविधा थी और रोजाना 160-190 मरीजों की डायलिसिस हो रही थी। कोरोना वायरस के कारण अभी सात सेंटरों पर ही डायलिसिस हो रही है। 


रियायती दर पर डायलिसिस करने वाले पटनी चैरिटेबिल हॉस्पिटल और समर्पण ब्लड बैंक बंद पड़े हैं। इसके चलते मरीजों को परेशानी और बढ़ गई। हालत यह है कि सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराने वाले मरीजों की एक या दो बार ही हो पा रही है।
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जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा बढ़े मरीज

सबसे ज्यादा मरीज जिला अस्पताल में बढ़े हैं। यहां पर डायलिसिस निशुल्क होती है। यहां 24 घंटे में 30 मरीजों की डायलिसिस की क्षमता है, लेकिन यहां पर रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। ऐसे में इनको आगे की तारीख दी जा रही है। 

जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में डायलिसिस चल रही है, बचे मरीजों को आगे की तारीख दे रहे हैं। पीपीई किट पहनकर मरीजों की डायलिसिस कराई जा रही है। हर शिफ्ट के बाद सेंटर सैनिटाइज कराया जाता है।

दूसरे जिलों से भी डायलिसिस कराने आ रहे मरीज

अन्य जिलों के मरीज भी जिला अस्पताल में डायलिसस कराने के लिए आ रहे हैं। इनमें एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, अवागढ़ तक के मरीज शामिल हैं। 

जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर प्रभारी अनुराग चौहान ने बताया कि दूसरे जिलों के भी मरीज आने से वेटिंग और बढ़ गई है। मैनपुरी के साबिया खान ने बताया कि निजी अस्पताल में डायलिसिस न होने से आगरा के जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रहे हैं।  
 
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मरीजों ने यह कहा

दयालबाग के दर्शन दयाल ने बताया कि निजी सेंटर में डायलिसिस कराता था, अब वहां नहीं हो पा रही है, ऐसे में जिला अस्पताल में डायलिसिस करा रहा हूं। मरीजों की भीड़ के चलते एक-दो दिन की वेटिंग मिलती है।

इंद्रापुरम की पंचम सिंह ने कहा कि सप्ताह में दो बार डायलिसिस होती है। जिला अस्पताल में नंबर लगाया है, यहां पर डायलिसिस हो रही है, मरीज ज्यादा रहते हैं, जिसके चलते नंबर लगता है। 

आगरा कैंट की रहने वाली साधना सिंह ने कहा कि प्राइवेट अस्पताल में डायलिसिस कराती थी, आर्थिक परेशानी के चलते अब जिला अस्पताल में नंबर लगाया है, यहां पर दो दिन बाद मंगलवार को डायलिसिस की तारीख दी है। 
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