आगरा में बेटे से मोबाइल पर संपर्क नहीं होने पर मुर्गा व्यापारी ने उसके अपहरण की सूचना पुलिस को दे दी, जिसके बाद पुलिस करीब दो घंटे तक युवक की तलाश में जुटी रही। पुलिस ने युवक को मुर्गी फार्म से सुरक्षित बरामद कर लिया। जांच में मामला पुराने बकाये और मुर्गे देने को लेकर विवाद का निकला।
आगरा के बरौली अहीर में मुर्गा व्यापारी के बेटे के अपहरण की सूचना पर रविवार को एकता पुलिस लगभग दो घंटे तक परेशान रही।
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फिरोजाबाद के रहने वाले राशिद ने अपने बेटे को महुआ खेड़ा स्थित मुर्गी फार्म से मुर्गे लाने के लिए एक लाख रुपये देकर भेजा था। मुर्गी फार्म संचालक ने रकम लेने के बाद भी मुर्गे देने से इंकार करते हुए राशिद को बुलाने के लिए कहा। वहीं, काफी देर तक बेटे से बात न होने पर राशिद ने बेटे के अपहरण होने की सूचना आगरा पुलिस को दी। इसके बाद एकता पुलिस हरकत में आ गई। महुआखेड़ा मुर्गी फार्म से युवक को लेकर तोरा चौकी आई।
पुलिस के अनुसार राशिद का महुआखेड़ा निवासी मुर्गी फार्म संचालक पर पिछला बकाया है। इस कारण उसने रकम ले ली और मुर्गे नहीं दिए। वहीं बेटे के मोबाइल फोन बंद कर लिए जाने के कारण राशिद ने बेटे के साथ अनहोनी की आशंका जाहिर करते हुए अपहरण की सूचना दे दी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्ष ने आपस में समझौता कर लिया और चले गए। किसी पक्ष ने भी तहरीर नहीं है। पुलिस ने राशिद को आगे से इस तरह की झूठी सूचना न देने की हिदायत भी दी।