युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड से बचने के लिए आरोपी ने साक्ष्य भी मिटा दिए। कोर्ट ने मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
आगरा में युवक का अपहरण कर हत्या, उसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नहर में फेंकने के मामले में अदालत ने इटावा के पंसारी टोला (हाल निवास सिकंदरा गायत्री विहार) निवासी सुभाष चंद यादव को दोषी पाया। अपर जिला जज-6 नीरज कुमार महाजन ने आजीवन कारावास के साथ 60 हजार रुपये के दंड की सजा सुनाई।
विज्ञापन
सिकंदरा थाने में कैलाश मोड़ कृष्णा कॉलोनी निवासी रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 2 फरवरी 2013 की दोपहर करीब 1 बजे पुरानी रंजिश के चलते आरोपी सुभाष चंद यादव और उसके साथी उनके बेटे विनोद (20) का अपहरण करके ले गए।
बेटे की हत्या कर आरोपियों ने शव को कानपुर की हजारा नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने केस दर्ज कर क्षत-विक्षत हालत में बेटे के शव को नहर से बरामद किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से पीड़ित रामेश्वर प्रसाद गुप्ता सहित 12 गवाह पेश किए गए।