झोलाछाप ने पत्नी के साथ मिलकर चार वर्षीय मासूम का अपहरण किया। आरोपी बच्चे को बेचना चाहते थे, लेकिन उसका सौदा नहीं हो सका। वहीं बच्चे की तलाश में पुलिस की सक्रियता देख आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। पुलिस ने बच्चे को बरामद करने के साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र के तैय्यबपुर बिलराम से चार वर्षीय मासूम के अपहरण के मामले का थाना पुलिस और एसओजी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मासूम का अपहरण करने के आरोपी झोलाछाप चिकित्सक और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की है।
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एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मासूम बच्चे का अपहरण 25 जनवरी को देर शाम हुआ था। तैय्यबपुर बिलराम के ईंट भट्टे से चार वर्षीय बालक विक्रम पुत्र बसंत का अपहरण किया गया था। मासूम का पिता भट्टे पर ईंट की पथाई का काम करता है। उन्होंने बताया कि बच्चे के अपहरण की सूचना मिलने पर मामला दर्ज किया गया। तीन टीमें खुलासे के लिए लगाई गईं। पुलिस टीमों के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी झोलाछाप चिकित्सक डॉ. अमित और उसकी पत्नी अंजली निवासी कीरथपुर अकराबाद जनपद अलीगढ़ ने बच्चे को 28 को कीरथपुर गांव के पास जंगल में छोड़ दिया।
अकराबाद पुलिस ने बच्चा बरामद किया और जिले की पुलिस के सहयोग से बच्चे को मां बाप के सुपुर्द किया। सीओ अजीत चौहान के निर्देशन में ढोलना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम बच्चे की बरामदगी के बाद आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने कीरथपुर से झोलाछाप डॉक्टर और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। बताया गया कि झोलाछाप चिकित्सक कर्जा चुकाने के लिए बच्चे को बेचने के लिए अपहरण किया, लेकिन कोई ग्राहक नहीं मिला जिससे बेच नहीं पाया। एसपी ने बताया घटना में प्रयुक्त बाइक भी पुलिस ने बरामद की है।
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झोलाछाप अकराबाद में चला रहा था क्लीनिक
मासूम बच्चे के अपहरण का मुख्य आरोपी डॉ. अमित अकराबाद में दांतों का क्लीनिक चलाता है। वह दो साल से क्लीनिक चला रहा है।
झोलाछाप के मोबाइल में तीन और बच्चों के फोटो मिले
झोलाछाप डॉ. अमित लगातार बच्चों का अपहरण करने के लिए उनके फोटो ले रहा था। तीन अन्य अलग अलग बच्चों के फोटो पुलिस को आरोपी के मोबाइल से मिले। इन बच्चों के बारे में पुलिस की टीम ने जांच पड़ताल कराई तो सभी बच्चे अपने घर पर सुरक्षित पाए गए।