मैनपुरी। शहर के राधारमन रोड स्थित एक निजी क्लीनिक पर मोमबत्ती के प्रकाश में पुरुष स्टाफ से प्रसव कराए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। जांच टीम की रिपोर्ट के बाद सीएमओ ने खुशी हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया है।
खुशी हॉस्पिटल की जांच कर रहे डॉ. आरपी सिंह व प्रभारी विकास गुप्ता ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। रिपोर्ट में बताया गया कि खुशी हॉस्पिटल का पंजीकरण डॉ. डॉ. अनिल अग्रवाल के नाम से है, जो जांच के दौरान एक भी दिन अस्पताल पर नहीं मिले। वहीं अस्पताल में बायोवेस्ट के लिए कोई साधन नहीं था। यहां तक कि इस अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इन परिस्थितियों में इस अस्पताल का संचालन किया जाना उचित नहीं है। रिपोर्ट के बाद सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने खुशी हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की है।
यह था मामला
थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव नेकापुर निवासी मुनीष कुमार ने 13 जनवरी की रात अपनी पत्नी अनीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर राधारमन रोड स्थित खुशी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। देर रात अनीता ने एक बच्चे को जन्म दिया। यहां मोमबत्ती के प्रकाश में पुरुष स्टाफ द्वारा प्रसव कराए जाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा काटा था। मौके पर पहुंची पुलिस डॉक्टर और पीड़िता के पति को कोतवाली लाई थी। हालांकि बाद में समझौता हो गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अपनी जांच जारी रखी।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट के बाद खुशी हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। किसी प्रकार से अधूरे मानक वाले हॉस्पिटल नहीं चलने दिए जाएंगे।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ