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जिंदगी से लगी पूछने जिंदगी, अस्थि पंजर सी कैसी हुई जिंदगी...

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क्रिश्चियन मैदान में आयोजित खाटू श्याम भंजन संध्या में मौजूद श्रद्धालु - फोटो : MAINPURI
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भोगांव। क्षेत्र के गांव प्रेम नगरिया में शनिवार को काव्य गोष्ठी हुई। इसमें जिलेभर से कवियों ने प्रतिभाग कर काव्यपाठ किया। कवि सुरेंद्र सौरभ ने अपनी कविता ‘जिंदगी से लगी पूछने जिंदगी, अस्थि पंजर सी कैसी हुई जिंदगी, सुनाकर तालियां बटोरीं।’
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काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि कवि दीन मोहम्मद दीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद काव्यपाठ का सिलसिला शुरू हुआ। कवि हरवीर सिंह ने पढ़ा कि ‘आ लग जा गले छोड़ शिकवे गिले, जिंदगी का कोई भरोसा नहीं।’ कवि श्रीचंद्र वर्मा ने ‘संघर्षमय जीवन बिताना काम इनका है देश से दुश्मन भगाना काम इनका है कविता पढ़ी।’
वहीं कवि बदन सिंह मस्ताना ने ‘पढ़ा कि फूल उन पर ही जगत में आदि से चढ़ते रहे हैं, जो कदम परमार्थ के पथ पर सदा बढ़ते रहे हैं।’ कवि दीन मोहम्मद दीन ने ‘आदमी ही हिंदू है आदमी ही मुसलमान है, आदमी आदमी लड़े फिर तो वह शैतान है’ आदि कविताएं सुनाईं। कविताओं पर पंडाल में तालियों में गड़गड़ाहट गूंजती रहीं। हाकिम सिंह यादव, अरविंद यादव, अहिवरन सिंह, सुबोध यादव, धर्मेंद्र, सोवरन सिंह, बीटू वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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