औंछा/मैनपुरी। जसराना रोड पर गांव विक्रमपुर के पास लोअर गंग नहर (कानपुर ब्रांच) में पटरी कटने से लगी खंदी शनिवार की सुबह पांच बजे बंद की जा सकी। रात भर तहसील कर्मचारियों केे साथ ग्रामीण खंदी बंद करने में जुटे रहे। खेतों में पानी भरने से किसानों की 12 सौ बीघा फसल जलमग्न होने के बाद फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग किसानों ने शुरू कर दी है।
जसराना रोड पर विक्रमपुर के पास से लोअर गंग नहर कानपुर ब्रांच में बृहस्पतिवार की रात नहर की पटरी कटने से खंदी लग गई थी। करीब 10 मीटर की खंदी लगने से पानी के तेज बहाव से गांव विक्रमपुर, नीलकंठपुर, नगला अंती के किसानों की लगभग 12 सौ बीघा फसल जलमग्न हो गई है। शुक्रवार की सुबह से खंदी बंद करने में जुटे तहसील के कर्मचारी और ग्रामीण शनिवार की सुबह पांच बजे खंदी बंद कर सके। तब तक नहर का पानी खेतों के साथ ही गांव तक पहुंच गया। गांव के बाहरी किनारों पर बने घरों में भी पानी भर गया। ग्रामीणों ने घरेलू सामान सहित जानवरों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया।
तीन गांवों में हुआ नुकसान
लोअर गंग नहर (कानपुर ब्रांच) के किनारे गांव विक्रमपुर, नीलकंठपुर और नगला अंती बसे हैं। नहर की पटरी कटने से लगी खंदी से तीनों गांवों के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई है। किसानों को खेतों में खड़ी फसलों में नुकसान हुआ है।
मुआवजा दिलाने की मांग
फसलों में हुए नुकसान के बाद किसानों के सामने परिवार पालने की समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ित किसान लालसिंह, प्रवीन कुमार, लक्की, दिनेश यादव, राजेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, दयाशंकर, प्रेमपाल सिंह, सतेंद्र सिंह, राजवीर सिंह ने किसानों को फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
लेखपाल कर रहे क्षति का आकलन
नहर की पटरी कटने से लगी खंदी के बाद किसानों को फसलों में हुए नुकसान का आकलन कराना शुरू कर दिया गया है। तीनों गांवों के लेखपालों को गांव में जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के बाद किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट देने को कहा है।
अनिल कुमार कटियार, एसडीएम घिरोर