चंबल सेंक्च्युरी में आज से बर्ड फेस्टिवल शुरू हो रहा है। ऐसे में कीठम में भी विदेशी मेहमानों ने डेरा डाल दिया है। कई देशों की सरहदें लांघकर पहुंचे हजारों पक्षी सर्द मौसम का लुत्फ ले रहे हैं। इनके कलरव से पूरा पक्षी विहार गूंजने लगा है।
इन दिनों कीठम पक्षी विहार विदेशी पक्षी मेहमानों से चहक रहा है। साउथ एशिया, थाईलैंड, चीन, वियतनाम, रूस आदि देशों के पक्षियों ने अगले कुछ महीनों के लिए अपना ठिकाना कीठम को बना लिया है। काले-सफेद पंख और लाल टांगों वाले चीन की ओपनबिल्ड स्टार्क अपने झुंड के साथ आए हैं। बगुले से बड़े और सारस से छोटे आकार का यह पक्षी खासा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सफेद और काले पंख वाली साउथ एशिया की हेडेड गूज ने तो अपने परिवार के साथ डेरा डाल दिया है। झील में पानी के ऊपर तैरती काले रंग की कूट दूसरे झुंडों के साथ मिलकर मौसम का लुत्फ ले रही है। इन सभी के झुंड भोर की किरण के साथ ही झील किनारे एकत्रित होने लगते हैं। इनके झुंड से छोटे-छोटे टापू पूरी तरह से ढक जाते हैं। दूर से देखने पर जलकुंभी सी दिखाई देती है। दोपहर तक ये सभी पक्षी झील में मछलियों का भोजन करते रहते हैं। पेट भर जाने पर यहीं घंटों विश्राम करते हैं।
पर्यटकों की नजर से दूर
कीठम में भालू संरक्षण केंद्र के आसपास लोगों की ज्यादा आवाजाही की वजह से विदेशी पक्षियों ने झील के दूसरी तरफ अपना ठिकाना बनाया है। शोरगुल से दूर वे अपनी दुनिया में मस्त रहना चाहते हैं। इसलिए आम पर्यटकों की नजरों से दूर झाड़ियों के पार झील किनारे बैठे रहते हैं। इन स्थानों पर आम पर्यटक नहीं पहुंच सकते। वन विभाग ने सुरक्षा कारणों से कीठम में आगे का रास्ता बंद कर दिया है। घना जंगल होने के कारण लोगों को आधे रास्ते पर ही रोक दिया जाता है। यही वजह है कि पक्षी घने जंगल के पार एकांत में धूप सेकते हैं, जहां इनको कोई परेशान न कर सके।
ये विदेशी पक्षी आए
फ्लेमिंगो
स्टेप ईगल
ब्लैक हेडेड गल
ब्राउन हेडेड गल
पेंटेल
ग्रेटर स्पॉल्ट ईगल
व्हाइटनेक स्टार्क
ब्लैकनेक स्टार्क
फॉल्कन