आगरा। सेंट जोंस कॉलेज में शुक्रवार को तृतीय राष्ट्रीय इनडोर पर्यावरणीय गुणवत्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में घरों और भवनों के भीतर की वायु गुणवत्ता को सार्वजनिक स्वास्थ्य के केंद्र में रखने पर जोर दिया गया।
सोसाइटी फॉर इनडोर एनवायरमेंट के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि व्यक्ति अपना लगभग 90 फीसदी समय बंद स्थानों में बिताता है, इसलिए इनडोर हवा स्वास्थ्य का अहम विषय है। प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह ने प्रकाश, ध्वनि और डिजिटल संपर्क को भी इनडोर गुणवत्ता का हिस्सा बताया। मुख्य वक्ता प्रो. प्रशांत कुमार (सर्रे विश्वविद्यालय, यूके) ने 1.8 अरब बच्चों के कणीय प्रदूषण के संपर्क में होने की चिंता जताई। उन्होंने हरित प्रवेश क्षेत्र और बेहतर वायु संचार जैसे उपाय सुझाए।
सम्मेलन का नेतृत्व अध्यक्ष समीर श्रीवास्तव और सह-अध्यक्ष डॉ. राहुल तिवारी ने किया। तकनीकी सत्र में डॉ. रंजीत कुमार (दयालबाग शैक्षिक संस्थान) और डॉ. नमिता श्रीवास्तव (महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी) ने बाहरी प्रदूषण के इनडोर प्रभाव पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों की चर्चा में पंकज भूषण, डॉ. उमेश शर्मा, डॉ. शुभम सक्सेना, डॉ. केपी सिंह और राजेश अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। आयोजन समिति में प्रो. सुसान वर्गीस, डॉ. प्रियंका कुलश्रेष्ठ, डॉ. महिमा हाबिल मैसी, डॉ. सुमंथ चिंतला, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. शुक्ला दास और डॉ. नम्रता जरीवाला शामिल रहीं। संवाद