सोरों(कासगंज)। कांवड़ मेला शुरू हो गया है। दूर-दराज के कांवड़िये भी तीर्थनगरी में गंगाजली लेने के लिए पहुंचने लगे हैं लेकिन भोले की डगर में उनको काफी मुश्किलें आएंगी। पालिका की लापरवाही के कारण पथरीले रास्तों से कांवड़ियों को गुजरना पड़ेगा।
लहरा गंगा घाट से गंगाजल भरकर लाने वाले कांवड़ियों की टोलियां सोरो-लहरा मार्ग से गुजरती हैं। नवदुर्गा मंदिर से योगेश्वर मंदिर तक का मार्ग तो पूरी तरह उखड़ चुका है। सड़क के नुकीले पत्थर और जगह-जगह हो रहे गड्ढे कांवड़ियों के रास्ते का अवरोध बने हुए हैं। नंगे पैर यात्रा करने वाले कांवड़ियों के लिए इस बार काफी मुश्किलें होंगी। हर बार कांवड़ मेला शुरू होने से पूर्व इस सड़क के निर्माण की मांग पालिका प्रशासन से की जाती है लेकिन पालिका संवेदनशील नजर नहीं आती है। इस बार भी पथरीली राहें और कंकड़ पत्थर सोरों पहुंचने वाले कांवड़ियों का दर्द बढ़ाएंगे।
आंकड़े की नजर से-
- 5 किलोमीटर है सोरों से लहरा तक की दूरी।
- 1 किलोमीटर तक का मार्ग पालिका की हद में जर्जर।
- 4 किलोमीटर तक के मार्ग का रखरखाव करता है पीडब्ल्यूडी।
पुरोहितों की बात-
- नगर पालिका में नगर विकास की मांग करना अब बेवकूफी है। पालिका बोर्ड दो धड़ों में बंटा हुआ है विकास के लक्ष्य से पालिका भटक गई है। अगाध आस्था लेकर तीर्थनगरी आ रहे कांवड़ियों के लिए सड़क कौन बनवाएगा। -पंडित भारत किशोर दुबे, वरिष्ठ तीर्थपुरोहित।
- राजस्थान, एमपी आदि राज्यों से आरहे कांवड़िये श्रद्धालुओं के लिए सड़क, पानी, पथ प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं दिलाने के लिए जिला प्रशासन को पहल करनी चाहिए। - राधारमण महेरे, पूर्व अध्यापक।
- कांवड़िये लहरा गंगा घाट व राजस्थान एमपी के बीच धर्म के सेतु का काम करते है। कांवड़यात्रा के दौरान रास्तेभर गंगा तीर्थ सोरों की महिमा गाते हुए कांवड़िए अपने पथ पर बढे़ चले जाते हैं लेकिन पालिका इन कांवड़ियों की सुविधा का ख्याल नहीं रख रही। - अशोक तिवारी, विहिप धर्म प्रसार, जिलाध्यक्ष।
- योगेश्वर मंदिर से गलफट्टी की सड़क कई साल से जर्जर है पिछले वर्ष भी लोगों ने पुरजोर तरीके से इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई थी किंतु पालिका बोर्ड बैठक में इस सड़क की दुर्दशा पर कोई प्रस्ताव नहीं लाता। - दिवाकर सोनी, व्यापारी।