करहल। थाना क्षेत्र के गांव केहरी निवासी रामकिशन की 16 वर्षीय पुत्री कौशिकी की हत्या प्रेम प्रसंग के शक में की गई थी। जेल से रिमांड पर लाए गए आरोपी मामा मोहन पाल ने जुर्म कबूल किया है। पूछताछ करने के बाद करहल पुलिस ने उसे वापस जेल भेजा है। गांव केहरी की रहने वाली कौशिकी 27 सितंबर को सिरसागंज रोड पर रहने वाले मामा मोहन पाल के घर राम बरात देखने आई थी। अगले दिन उसका शव अंडरपास के पास झाड़ियों में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 11वीं की छात्रा कौशिकी की हत्या की वजह गला घोंटना बताया गया था। मामा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने के बाद पुलिस तलाश कर रही थी, इस बीच कुछ दिन पहले ही मोहन पाल ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस हत्यारोपी मोहन पाल को 2 दिन पहले जेल से रिमांड पर लेकर आई। जब पूछताछ की गई तो उसने कुछ देर पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की। बाद में वह टूट गया और भांजी की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसे शक था कि भांजी का किसी से प्रेम संबंध है। भांजी को रोका गया, मगर उन्हें लग रहा था कि भांजी नहीं मानी थी। इसी वजह से उसने गुस्से में आकर गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को घर से कुछ दूर अंडरपास के पास झाड़ियों में फेंक दिया। कोई शक न करे, इसलिए घर से रुपये जेवर लेकर भाग जाने की जानकारी कौशिकी के परिजन को दी थी। मगर, शव बरामद होने के बाद भेद खुल गया तो वह भाग गया था। हत्यारोपी के जुर्म कबूल करने के बाद वापस जेल भेजा गया।
हत्यारोपी को रिमांड पर लाकर पूछताछ की गई, प्रेम संबंध का शक कौशिकी की हत्या का कारण बना। हत्यारोपी ने रिमांड के दौरान जुर्म कबूल किया है। उसे पूछताछ के बाद वापस जेल भेज दिया गया।
- राहुल मिठास, एसपी ग्रामीण