बिहार चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई हैं। भाजपा के प्रदेश संगठन में जल्द ही फेरबदल की चर्चाओं के साथ एक नई शिगूफा छोड़ा जा रहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में दलित कार्ड खेलेगी और प्रदेश की कमान राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया को दी जाएगी।
सोमवार शाम से सोशल मीडिया पर इस तरह के संदेश चल रहे हैं। कहा जा रहा है कि संघ प्रमुख के आरक्षण वाले बयान की वजह से भाजपा से बिहार का दलित वोट बैंक छिटक गया, नतीजतन वहां करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश में पार्टी अब फूूंक-फूंककर कदम रखेगी। यहां दलितों अगुवाई बसपा करती है।
ऐसे में भाजपा उत्तर प्रदेश में दलित चेहरे को आगे करेगी। इस मामले में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया सबसे मुफीद माने जा रहे हैं। संघ से जुड़े रहे कठेरिया आगरा जिला संगठन में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। जिलाध्यक्ष का दायित्व भी संभाला है। लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे हैं।
इस चुनाव में तो उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब तीन लाख वोटों से हराया था। इस संबंध में रामशंकर कठेरिया का कहना है कि पार्टी की ओर से मिलने हर जिम्मेदारी उन्हें सहर्ष स्वीकार है लेकिन अभी तक ऐसी कोई खबर नहीं है। सोशल मीडिया पर यह कहां से चल रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं है।