कासगंज जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा की गुरुवार देर रात तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मौत की सूचना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी तत्काल जिला अस्पताल पहुंच गए।
डीएम ने पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों के पैनल के साथ ही एसडीएम कासगंज मामले की मजिस्ट्रेटी जांच करेंगे। चिकित्सकों के पैनल ने छात्रा के शव का पोस्टमार्टम किया है। वहीं, परिजनों ने मौत को संदिग्ध मानते हुए कस्तूरबा की तीन शिक्षिकाओं के खिलाफ तहरीर दी है।
गांव मामों की 14 वर्षीय शिवांगी कल्यानपुर स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा थी। बताया गया कि शिवांगी को 18 सितंबर को बुखार आया था। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दवा दिला दी गई। दवा खाने के बाद उसकी सेहत में सुधार हो गया।
शाम को बिगड़ी थी तबीयत
गुरुवार शाम को छात्रा की तबियत बिगड़ी। उसे उल्टी होने लगी। शिवांगी ने सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत की। इस पर कस्तूरबा की वार्डन और अन्य शिक्षिकाएं उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचीं।
छात्रा को ऑक्सीजन भी दी, लेकिन उसकी हालत में सुधार न होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां ले जाते समय छात्रा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया।
छात्रा की मौत की जानकारी विद्यालय प्रशासन ने बीएसए को दी। इसके बाद घटना की जानकारी डीएम और एसपी को दी गई। डीएम आरपी सिंह एवं एसपी अशोक कुमार शुक्ल ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश
सीएमओ से जानकारी लेते डीएम आरपी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
डीएम ने सीएमओ डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव को मौत की जांच के लिए डॉक्टर का पैनल गठित करने के निर्देश दिए। वहीं, एसडीएम सुनील कुमार सिंह को मजिस्ट्रेटी जांच करने के निर्देश दिए हैं। उधर, शिवांगी के चाचा ने कस्तूरबा की शिक्षिका पूनम कुमारी, रंजना मिश्रा एवं निर्मला शर्मा के खिलाफ छात्रा की संदिग्ध मौत मानते हुए तहरीर दी है।
नहीं मिल पाया चिकित्सालय में समुचित इलाज
छात्रा की तबीयत तीन दिन से खराब थी। परिजनों का आरोप है कि छात्रा को पर्याप्त एवं सही इलाज नहीं मिला। 18 सितंबर को छात्रा को अस्पताल ले जाया गया तो सामान्य बुखार और पेट की खराबी की दवा दे दी गई।
छात्रा को और क्या परेशानी थी? के बारे में कोई परीक्षण नहीं किया गया और न ही इलाज। एक दिन पहले छात्रा की तबीयत बिगड़ी तो उसके कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। छात्रा की बहन साक्षी ने कहा कि उसकी बहन के इलाज में लापरवाही हुई है। जिससे उसकी मौत हो गई।
दिल्ली में रहते हैं छात्रा के परिजन
छात्रा के परिजन दिल्ली रहते हैं। पिता प्रमोद कुमार अपने बेटे के साथ दिल्ली में फल का कारोबार करते हैं। उनकी दोनों पुत्रियां शिवांगी और साक्षी कस्तूरबा की छात्रा हैं। पिछले कई साल से वे कस्तूरबा में ही रहकर पढ़ रही हैं। परिजनों को फोन पर सूचना दी तो परिजन शुक्रवार सुबह पहुंच गए।